महाराष्ट्र में सक्रिय FDA ने कई होटलों-प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए हैं. ठीक ऐसा ही राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है. यहां एक मशहूर फाइव स्टार होटल में गंदगी ही गंदगी मिली है, साथ ही फूड क्वालिटी, साफ-सफाई का स्तर भी कमतर दिखा. यहां तक कि परिसर में जहां-तहां कॉकरोच भी मिले. सड़ा खाना, फंगस और खराब तेल पाए जाने पर FSSAI ने सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी ( M/s Seven Seas Hospitality Pvt. Ltd.) का लाइसेंस रद्द कर दिया.
नई दिल्ली में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन के बाद M/s Seven Seas Hospitality Pvt. Ltd. का लाइसेंस सस्पेंड किया है. निरीक्षण के दौरान परिसर में खराब साफ-सफाई से लेकर सड़े हुए खाद्य पदार्थ और कॉकरोच तक पाए गए.
FSSAI के मुताबिक, परिसर में हाइजीन और सैनिटेशन की स्थिति खराब थी. जिन जगहों पर खाना तैयार किया जा रहा था, वहां पानी जमा मिला. इसके अलावा दुर्गंध, गंदगी और खराब हाउसकीपिंग जैसी समस्याएं भी सामने आईं. निरीक्षण के दौरान कई खराब खाद्य पदार्थ भी मिले. टमाटर, पपीता, गुड़ और काजू पर फंगस पाया गया. इसके अलावा सड़ी हुई शिमला मिर्च और खराब कुकिंग ऑयल भी मिला.
FSSAI ने खाने के स्टोरेज को लेकर भी कई खामियां पाईं. मीट और शाकाहारी खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से अलग-अलग नहीं रखा गया था. कोल्ड स्टोरेज यूनिट से निकलने वाला कंडेनसेशन यानी पानी भी खाद्य पदार्थों पर टपकता पाया गया. परिसर में कॉकरोच और मक्खियां भी पाई गईं. इसके अलावा रेफ्रिजरेशन लीकेज, पर्याप्त वेंटिलेशन और रोशनी की कमी के साथ ही कोल्ड स्टोरेज की अपर्याप्त व्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आईं.
फूड सेफ्टी अथॉरिटी के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान करीब 74 किलोग्राम/लीटर ऐसे खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट किया गया, जो तय मानकों के अनुरूप नहीं थे. जांच के बाद फूड बिजनेस ऑपरेटर को महज 30 फीसदी कंप्लायंस स्कोर मिला और उसे 'Non-Compliant' की श्रेणी में रखा गया.
इन खामियों को देखते हुए FSSAI ने सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. कंपनी को निर्देश दिया गया है कि लाइसेंस के निलंबन की अवधि के दौरान वह खाने से जुड़ी सभी कारोबारी गतिविधियां बंद रखे. FSSAI ने यह कार्रवाई परिसर में हाइजीन, फूड स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कई नियमों के उल्लंघन के बाद की है.
आशुतोष मिश्रा