राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जसोला गांव इलाके में शनिवार को खुले नाले में गिरे 8वीं कक्षा के छात्र मिथुन की तलाश आखिरकार दर्दनाक अंत के साथ खत्म हुई. शनिवार सुबह 11 बजे पतंग उतारने के प्रयास में नाले में बहे मासूम का शव घटना के चौथे दिन यानी मंगलवार शाहीन बाग की तरफ बहते हुए फंसा मिला. शव मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घटना के बाद से ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
दरअसल, शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे जसोला इलाके में खुले पड़े नाले के पास 15 साल का मिथुन पतंग उतार रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे नाले में गिर गया. घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
जसोला से शाहीन बाग की तरफ जाने वाले नाले के बहाव के साथ बच्चा आगे बह गया था. मंगलवार को रेस्क्यू टीमों को शाहीन बाग की तरफ नाले में फंसा हुआ मिथुन का शव मिला.
इंजीनियर पर गिरी गाज
खुले नाले की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के इंजीनियर को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था. शव बरामद होने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर हटाया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
आशुतोष कुमार