संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही दिल्ली राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गई है. जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली को लेकर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन पहले से ही जारी है. लेकिन अब दिल्ली में दो और बड़े प्रदर्शन होने जा रहे हैं.
एक तरफ जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) दिलाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने दिल्ली में मोर्चा खोला हुआ है. तो वहीं दूसरी तरफ, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों के दिल्ली मार्च का ऐलान किया है.
संसद सत्र के पहले दिन इन तमाम आंदोलनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई है और धारा 144 (अब धारा 163 BNSS) लागू कर दी गई है.
पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस सोमवार को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने कर रही है. ये प्रदर्शन जानबूझकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन तय किया गया है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके.
पार्टी के विधायक और मंत्री पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. रविवार शाम को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी नेताओं की एक बैठक भी हुई, जिसमें रणनीति पर चर्चा की गई. नेताओं का कहना है कि जगह की बाधाओं के बावजूद वो अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे.
बाढ़ संकट के बीच दिल्ली आ रहे हैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के हालात के बीच सीएम अब्दुल्ला दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रोटेस्ट में, डिप्टी CM और पार्टी लीडर सुरिंदर चौधरी ने कहा, 'ये जम्मू-कश्मीर के लोगों की बदकिस्मती है कि हम दिल्ली में प्रोटेस्ट करने आए हैं ताकि यूनियन होम मिनिस्टर और PM को याद दिला सकें कि उन्होंने चुनाव के बाद J&K को राज्य का दर्जा वापस दिलाने का वादा किया था. अब दो साल हो गए हैं जब से यूनियन होम मिनिस्टर और PM ने अपना वादा पूरा नहीं किया है. हम यहां उन्हें पार्लियामेंट और सुप्रीम कोर्ट में और जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए उनके वादे की याद दिलाने आए हैं.'
चढ़ूनी का दिल्ली मार्च
इस बीच, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने एक नया मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील का कड़ा विरोध किया है. चढ़ूनी ने इस समझौते को 'किसानों का डेथ वारंट' करार दिया है. उन्होंने सभी खाप नेताओं और किसानों से अपील की है कि वो 21 जुलाई को सुबह 11 बजे ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिल्ली के किसान घाट पहुंचें.
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इसके साथ ही गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और दूसरे युवाओं से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के कारण इन सभी की हालत बेहद नाजुक हो चुकी है, लेकिन इस 'कठोर' सरकार की आत्मा अभी तक नहीं जागी है. चढ़ूनी ने अपील की है कि पूरे देश को इन युवाओं और सोनम वांगचुक के साथ आकर खड़ा होना चाहिए.
सुनील जी भट्ट