दिल्ली में 600 करोड़ का हेल्थ स्कैम, ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस, CPA को पत्र लिखकर मांगे डॉक्यूमेंट्स

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दिल्ली जोन-2 टीम ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित 600 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का नया मामला दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसी ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) से सभी संबंधित डॉक्यूमेंट मांगे हैं.

Advertisement
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला. (reparation photo) दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला. (reparation photo)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए करीब 600 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद में कथित घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शुरू कर दी है. ED ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

ED की दिल्ली जोन-2 टीम ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS), दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और DGHS द्वारा की गई सभी मेडिकल खरीद से जुड़े दस्तावेज मांगे है.

Advertisement

जांच के दायरे में आए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन

ईडी की जांच के दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट और एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन जैसे महंगे मेडिकल उपकरण शामिल हैं. इसके अलावा ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS), बेड शीट, लिनेन सामान, सर्जिकल आइटम, ड्रेसिंग, स्यूचर, कैनुला, ग्लव्स और दवाइयों जैसी आवश्यक सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया को भी खंगाला जा रहा है.

टेंडर प्रक्रिया पर ED की नजर

जांच एजेंसी ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने के नियम, सामान की सप्लाई, जांच, मंजूरी और पेमेंट रिलीज से जुड़े तमाम रिकॉर्ड्स मांगे हैं. इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, ओईएम (OEM) और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पूरी डिटेल भी मांगा है, जिनसे ये तमाम मेडिकल सामान खरीदे गए थे.

CPA हेड गिरफ्तार

इस बड़े घोटाले की जांच पहले से ही एसीबी (ACB) और विजिलेंस विभाग द्वारा की जा रही है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसीबी ने सीपीए हेड डॉ. रंगा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सिफारिश के बाद अब दो और डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई है.

ED इस बात की जांच कर रही है कि मेडिकल उपकरणों और सामानों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं, ओवर-इनवॉइसिंग, क्वालिटी से समझौता या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई. ED का मानना है कि इस घोटाले में बड़ी राशि का गबन और अवैध तरीके से पैसा घुमाया गया हो सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »