दिल्ली में लूट और आर्म्स एक्ट के मामले में पिछले 15 साल से फरार चल रहे आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकना (52) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर दिलबाग सिंह रख ली थी. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. आरोपी को 2011 में अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था.
क्राइम ब्रांच की टीम ने लगातार जांच और स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर 17 अक्टूबर 2026 को उसे रोहिणी से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली के मायापुरी इलाके की एक फैक्ट्री में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था. पहचान बदलकर रहने के बावजूद पुलिस आखिरकार उस तक पहुंच गई.
यह भी पढ़ें: तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर 12वीं की छात्रा ने खुद को लगाई आग, दिल्ली के स्कूल में आत्महत्या
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई शहर बदले. वह पहले करीब एक साल तक कोलकाता में रहा, इसके बाद बरेली चला गया. साल 2017 में दिल्ली लौटने के बाद रोहिणी में रहने लगा. इस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर रखी और सामान्य जीवन जीने की कोशिश करता रहा.
सुबह की सैर पर निकले शख्स की चेन लूटी, विरोध करने पर चाकू से हमला
दरअसल, यह मामला 11 मई 2011 का है. दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र के मानसरोवर गार्डन में सुबह की सैर पर निकले सचिन अरोड़ा की सोने की चेन बाइक सवार बदमाशों ने झपट ली थी. जब सचिन ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया.
वारदात को अंजाम देने के बाद भाग रहे बदमाशों ने चाकू की नोक पर एक अन्य व्यक्ति की कार भी लूट ली थी. घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. इस वारदात में शामिल सुरेश कुमार को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, जबकि उमेश और सुमित को बाद में गिरफ्तार किया गया.
हालांकि, रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकना पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया और फरार हो गया. मामले में अदालत ने साल 2011 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था. लंबे समय तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होने के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया.
जुए की लत, छह पुराने मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी जुए का आदी है और उसके खिलाफ जुआ अधिनियम तथा मारपीट से जुड़े छह पुराने मामले दर्ज हैं. पुलिस का आरोप है कि जुए के खर्चों को पूरा करने के लिए वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हुआ और अपने साथियों के साथ चेन स्नैचिंग तथा लूट की वारदातों को अंजाम देता था.
क्राइम ब्रांच ने स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी और लगातार की गई पड़ताल के बाद आरोपी का पता लगाया. इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को रोहिणी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के समय वह मायापुरी की एक फैक्ट्री में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था.
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. जांच में उसके फरार रहने के दौरान की गतिविधियों और अन्य आपराधिक मामलों में संभावित संलिप्तता का पता लगाया जा रहा है.
हिमांशु मिश्रा