स्मॉग का कहर: मैच देखने आए दर्शकों ने कहा- दिल्ली के लिए शर्मनाक

स्मॉग को लेकर एक बार फिर दिल्ली सरकार घि‍रती नजर आ रही है. हाल ही में केजरीवाल सरकार ने स्मॉग से दिल्ली को छुटकारा दिलाने की बात कही थी. पर दिल्ली में स्मॉग का कहर जारी है. रविवार को स्मॉग के कारण श्रीलंकाई खिलाड़‍ियों के मास्क पहनने की घटना के बाद दिल्ली वालों ने अब ये कहना शुरू कर दिया है कि दिल्ली में आकर किसी ख‍िलाड़ी को मास्क पहनना पड़े, यह दिल्ली के लिए शर्मनाक है.

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दिल्ली में स्मॉग दिल्ली में स्मॉग

वंदना भारती / शुभम गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

दिल्ली में एक बार फिर स्मॉग ने दस्तक दी है. सांस का आपातकाल एक बार फिर से देखने को मिल रहा है. 15 दिन पहले जब दिल्ली में लगातार स्मॉग के कारण दिक्कतें हुई थीं, तो स्कूल तक बंद कर दिए गए थे. लेकिन दिल्ली में स्मॉग के कारण अब शर्मिंदगी भी उठानी पड़ रही है.

भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे टेस्ट मैच में रविवार को प्रदूषण के कारण श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने मास्क लगाकर मैच खेला. इसे लेकर मैच देखने आए लोगों का कहना था कि कल बेहद शर्मिंदा करने वाला मामला था. हम परेशानी तो झेल ही रहे हैं, अब विदेशों से आए मेहमानों के सामने भी शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है.

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मैच देखने आए कुछ बच्चों का कहना था कि हम भी मैच नहीं खेल पाते हैं.  सांस लेने में दिक्कत होती है. ऐसे में हम अंदाजा लगा सकते हैं कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर क्या बीत रही होगी.

श्रीलंका के खिलाड़ियों ने नाटक किया! 

एक ओर जहां कई लोग प्रदूषण को लेकर अपनी चिंता जता रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग श्रीलंकाई खिलाड़ि‍यों द्वारा खेल के दौरान मास्क पहनने को नाटक बता रहे थे. उनका कहना था कि चाहती थी कि किसी भी तरह मैच रुक जाए. मगर ऐसा हो नहीं सका. 

विरेंद्र सहवाग ने भी श्रीलंका के खिलाड़ियों पर मास्क लगाकर खेलने को लेकर तंज कसा था. वहीं, दिल्ली में रहने वाले लोगों का कहना था कि हमें तो अब इस प्रदूषण की आदत हो गई है, लेकिन में वातावरण कुछ अलग है. उन्हें इतनी जहरीली हवा की आदत नहीं. इसीलिए उन्हें दिक्कत हो रही होगी.  

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अक्षरधाम मंदिर हुआ अदृश्य

स्मॉग इतना ज्यादा है कि इसके कारण अक्षरधाम मंदिर दिखाई नहीं दे रहा है. विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है. तकरीबन 500 मीटर की दूरी पर ही वाहन दिखाई दे रहें है. मगर 500 मीटर के बाद कुछ भी नहीं दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे कि हादसों का भी डर बड़ गया है. हाल ही में 15 दिन पहले स्मॉग के कारण गाड़ियां नहीं दिखाई दे रही थीं और कई हादसे भी हो गए थे.

कुल मिलाकर अब सरकार को कोई ना कोई रास्ता निकालना होगा, जिससे प्रदूषण को रोका जा सके.

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