सुशील मोदी ने बताया- ऐसे बनाई लालू ने 1000 करोड़ की संपत्ति

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी पिछले 15 दिनों से राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार वालों पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित करने को लेकर खुलासे दर खुलासे कर रहे हैं

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लालू यादव और सुशील मोदी लालू यादव और सुशील मोदी

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 18 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 6:34 PM IST

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी पिछले 15 दिनों से राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार वालों पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित करने को लेकर खुलासे दर खुलासे कर रहे हैं. किस तरीके से लालू ने फर्जी कंपनियों के रास्ते बेनामी संपत्ति जमा की, इसको लेकर सुशील मोदी ने ठोस दस्तावेज भी पेश किए हैं.

इसी क्रम में सुशील मोदी ने मंगलवार को एक और खुलासा किया जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर लालू और उनके परिवार ने बेनामी संपत्ति किस तरीके से अर्जित की और कैसे लालू के पास आज तकरीबन 1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति है? जानिए सुशील मोदी की जुबानी लालू और उनके परिवार की बेनामी संपत्ति अर्जित करने की कहानी.

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1. 2006 में शराब माफिया ओम प्रकाश कत्याल ने AK Infosystems Pvt Ltd नाम की एक कंपनी खोली जिसका मुख्य उद्देश्य और उनके परिवार वालों के लिए बेनामी संपत्ति जमा करना था.

2. मार्च 2007 में इस कंपनी ने पटना की दो जगहों पानापुर और चितकोहरा में तकरीबन 31000 वर्ग फीट जमीन खरीदी जिसके लिए उन्होंने 39 लाख रुपए चुकाए.

3. 2006 में राबड़ी देवी के भाई प्रभुनाथ यादव ने खुद के पास 14 लाख की संपत्ति जिसमें जमीन और मकान शामिल है, तेजस्वी और तेज प्रताप को गिफ्ट में दे दिया.

4. 4 सालों के बाद, AK INFOSYSTEMS ने यह जमीन तेजस्वी और तेज प्रताप से खरीद ली और इसके लिए दोनों भाइयों को 70 लाख पर चुकाए गए. इस तरीके से गिफ्ट की हुई जमीन के दोनों भाइयों को 70 लाख रुपए भी मिल गए और AK Infosystems नाम की कंपनी इस जमीन का मालिक बन गई.

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5. 2014 में, कत्याल परिवार, जिसने AK Infosystems Pvt Ltd नाम की कंपनी खोली थी, वह इस कंपनी से अलग हो गए और इस कंपनी के सारे शेयर वालों के नाम पर ट्रांसफर हो गए. इस समय राबड़ी देवी की इस कंपनी में 85 फ़ीसदी और तेजस्वी 15 फ़ीसदी शेयर के मालिक है जबकि लालू की दो बेटियां चंदा और रागिनी इस कंपनी में केवल दो निदेशक है.

6. कत्याल परिवार द्वारा इस कंपनी को लालू परिवार को ट्रांसफर किए जाने से ना केवल गिफ्ट की हुई जमीन के लालू और परिवार वालों को 70 लाख रुपए मिल गए बल्कि वह जमीन जिसकी मालिक कंपनी थी, वह वापस लालू के परिवार में आ गई.

7.सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि 2000 से 2005 के बीच जब राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थी तो उस वक्त कत्याल परिवार ने पटना के बेटा इलाके में शराब की फैक्ट्री खोली थी और इसके बदले कत्याल परिवार ने फर्जी कंपनी खोली और लालू एंड फैमिली के लिए बेनामी संपत्ति अर्जित करने लगा. मोदी के अनुसार लालू के पास आज के दिन तकरीबन 1000 करोड रुपए की बेनामी संपत्ति है.

मोदी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लालू की इस बेनामी संपत्ति का संज्ञान ले और उनके खिलाफ जांच शुरू करवाएं. मोदी ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वह इस मामले को लेकर आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई में शिकायत करेंगे.

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