क्या भारत में स्वाइन फ्लू का कोई नया स्ट्रेन आ गया है? क्यों बढ़ रहे केस, जानें ICMR ने क्या कहा

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा है.

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बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा के मामले

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:51 PM IST

राजधानी दिल्ली समेत अब देश क कई दूसरे इलाकों में भी स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन आ गया है जो तेजी से फैल रहा है? इस मामले में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि भारत में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है. इसलिए फिलहाल नई स्ट्रेन या स्वाइन फ्लू से किसी असामान्य खतरे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.

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ICMR के मुताबिक अभी देश में जो H1N1 वायरस फैल रहा है, वह सीजनल इन्फ्लुएंजा का ही हिस्सा है. मौमस में बदलाव होने पर इस तरह के वायरस एक्टिव हो जाते हैं. फिलहाल जो स्ट्रेन लोगों को संक्रमित कर रहा है वह नया नहीं है. 
यह 2025से ही सर्कुलेशन में हैं. इनमें ऐसा कोई नया बदलाव नहीं मिला है जिससे यह माना जाए कि वायरस पहले की तुलना में ज्यादा ताकतवर या खतरनाक हो गया है. स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के मामलों की निगरानी, जल्दी जांच और समय पर इलाज बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

यह भी पढ़ें: 'देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं...', स्वाइन फ्लू मामलों में बढ़ोतरी पर ICMR की सफाई

क्यों बढ़ रहे हैं केस

दिल्ली एम्स में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल के मुताबिक, इन्फ्लूएंजा के केस केवल ठंड में नहीं बल्कि बदलते मौसम में भी बढ़ सकते हैं. मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव, बारिश और उमस के कारण लोग ज्यादा समय बंद कमरों में बिताते हैं. कई जगह एयर कंडीशनर चलते हैं और खिड़कियां-दरवाजे बंद रहते हैं. अगर कमरे में हवा का पर्याप्त आवागमन नहीं है और वहां कोई संक्रमित व्यक्ति मौजूद है, तो दूसरे लोगों तक वायरस पहुंचने का मौका बढ़ सकता है।

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डॉक्टर के मुताबिक,वायरस का समुदाय में मौजूद होना, ऐसे लोगों का होना जिनमें उसके खिलाफ पर्याप्त इम्यूनिटी नहीं होना और संक्रमण फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां केस बढ़ने का एक कारण हो सकते हैं. ये भी सकता है कि फ्लू वाले लक्षणों के मरीजों की टेस्टिंग बढ़ने से भी मामलों में इजाफा हो गया है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, 1777 मरीज मिले, एडवाइजरी जारी

H1N1 में किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

ज्यादातर लोगों में फ्लू अपने आप ठीक हो सकता है, लेकिन बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है. हालांकि लोगों को सलाह है कि वह पैनिक न हो और फ्लू से बचाव के नियमों का पालन करें. हाथ धोकर भोजन करें और मास्क लगाकर रखें. 

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