महाराष्ट्र के स्कूलों के पास नहीं बिकेगी Sting, एक नहीं कई बीमारियों का कारण हैं एनर्जी ड्रिंक, डॉक्टरों ने बताया- ऐसे करती है हेल्थ को खराब

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोग लगा दी है. पिछले साल पंजाब में भी एनर्जी ड्रिंक पर बैन लगा था. एनर्जी ड्रिंक सेहत के लिए कितना गंभीर खतरा है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.

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एनर्जी ड्रिंक सेहत के लिए खतरा एनर्जी ड्रिंक सेहत के लिए खतरा

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोग लगा दी है. एक दिन पहले FSSAI ने भी रेड बुल, पेप्सिको इंडिया और कैम्पा सहित देश के कई बड़े ब्रांड को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. एफएसएसएआई ने कहा था कि इन प्रोडक्ट के लेबल पर एनर्जी ड्रिंक शब्द का इस्तेमाल कथित तौर पर गुमराह करने वाला दावा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि एनर्जी ड्रिंक एक नहीं कई बीमारियों का कारण बन सकती है.

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हाल के समय में एनर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल भी काफी बढ़ गया है. एथलीटों के अलावा  छात्र इन्हें सबसे ज़्यादा पीते हैं. हालांकि, युवा और बुजुर्ग उम्र के लोगों में भी इनकी लोकप्रियता बढ़ रही है. इनको पीने वाले अधिकतर लोग मानते हैं कि ये तुरंत एनर्जी देने का अच्छा जरिया हैं, लेकिन क्या ये ड्रिंक वाकई एनर्जी देती हैं. इनको पीने से सेहत पर क्या असर होता है इस बारे में जानते हैं. 

हार्ट की बीमारी से लेकर डायबिटीज और स्ट्रोक का खतरा

PUBMed में छपी रिसर्च बताती है कि एनर्जी ड्रिंक हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है. इससे  साइनस टैकीकार्डिया और हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है. इससे दिल पर असर हो सकता है. इनमें कैफ़ीन और शुगर की अधिक मात्रा से दिल की धड़कन बढ़ सकती है, ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है, बेचैनी हो सकती है. समय के साथ, इससे नींद में परेशानी, दांतों का खराब होना और मोटापा या टाइप-2 डायबिटीज का ख़तरा भी बढ़ सकता है. 

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PUBMed  में छपी एक दूसरी रिसर्च में एनर्जी ड्रिंक के गंभीर असर के बारे में बताया गया है. रिसर्च में कहा गया है कि एनर्जी ड्रिंक्स शरीर के कई अंगों पर बुरा असर डालते हैं. इनसे घबराहट, पेट की गड़बड़ी, डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां हो सकती हैं. एनर्जी ड्रिंक पीने से अंगों के खराब होने का भी रिस्क है. एक्यूट किडनी इंजरी वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन, दौरे पड़ना, एक्यूट मेनिया और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं.

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मौत का कारण भी बन सकती हैं एनर्जी ड्रिंक

स्टडी में कहा गया है कि एनर्जी ड्रिंक पीने से मौत होने के मामले भी सामने आए हैं. नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे के डेटा से पता चलता है कि किशोर रोज औसतन 61 मिलीग्राम कैफीन लेते हैं. इस दौरान एनर्जी ड्रिंक को पीने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है. स्कूली छात्र इसको शौक के लिए पी रहे हैं, लेकिन ये उनकी सेहत को नुकसान कर रही है. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अधीक्षक डॉ एल.एच घोटेकर बताते हैं कि एनर्जी ड्रिंक किसी भी तरह से सेहत के लिए अच्छी नहीं हैं. इनमें कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं. इनमें चीनी की मात्रा भी बहुत अधिक होती है. चूंकि बच्चे इनको ज्यादा पीते हैं तो उनमें कम उम्र में ही कई बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. ऐसे केस भी देखे जाते हैं जहां बच्चों को इन ड्रिंक की लत लग जाती है.

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क्यों लगती है एनर्जी ड्रिंक की लत

डॉ घोटेकर कहते हैं कि एनर्जी ड्रिंक में कैफीन और शुगर होती है. ये दोनों चीजें शरीर में जाने के बाद डोपामाइन हार्मोन का लेवल बढ़ा देती हैं. इससे व्यक्ति को खुशी मिलती है. इसकी वजह से वह बार- बार इनको पीने का आदी होता है. लेकिन सच्चाई तो यह है कि ये ड्रिंक ना तो एनर्जी का कोई सोर्स हैं और न ही शरीर के लिए हेल्दी है.

एनर्जी ड्रिंक के स्थान पर क्या बेहतर है? 

ग्रीन- टी

नींबू पानी

नारियल पानी

 छाछ

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