केरल में इबोला वायरस का एक संदिग्ध केस मिला है. जिसको अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है. केरल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 18 जून को दक्षिण सूडान से लौटी एक महिला में इबोला जैसे लक्षण दिखे थे. जिसके बाद उसको केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. फिलहाल सभी जांच की गई है. रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि इबोला संक्रमण हुआ है या नहीं.
केरल में सामने आए संदिग्ध मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि शुरुआती जांच के आधार पर चिंता की कोई जरूरत नहीं है, हालांकि टेस्ट के नतीजों का अभी भी इंतजार है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने संदिग्ध मरीज की संपर्क सूची तैयार की है और निगरानी प्रोटोकॉल शुरू कर दिए हैं. इस वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है.
यह भी पढ़ें: कांगो में बेकाबू हुआ इबोला, 24 घंटे में 72 नए केस, अब तक 181 लोगों की मौत
बुखार के लक्षण के साथ अस्पताल आई थी महिला
महिला बुखार की शिकायत लेकर एक प्राइवेट अस्पताल गई थी. जब उसकी यात्रा की हिस्ट्री पता की गई तो यह जानकारी मिली कि वह सूडान से लौटी है. इसके बाद ही महिला को प्राइवेट अस्पताल से कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया. उसमें बुखार के साथ इबोला के दूसरे लक्षण भी देखने को मिले थे.
बीते कुछ महीनों से दक्षिण अफ्रीका के कांगो-युगांडा सहित कई इलाकों में इबोला वायरस के केस सामने आ रहे हैं. इस वायरस से कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है. वहां ये एक बड़ा खतरा बना हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित कर चुका है.
यह भी पढ़ें: दो केस ने बढ़ा दी इबोला को लेकर धड़कनें, भारत 'यूएस मॉडल' क्यों नहीं अपनाता?
भारत में अभी कोई मरीज नहीं
अभी तक देश में इबोला वायरस का कोई मरीज नहीं है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. विदेशों से आने वाले जिन लोगों में इस वायरस के लक्षण दिखते हैं उनको आइसोलेट करके जांच की जाती है. फिलहाल कोई कंफर्म केस नहीं है.
क्या है इबोला वायरस
इबोला एक खतरनाक वायरस है. इसमें मौत का खतरा 50 फीसदी से अधिक होता है.यह वायरस संक्रमित इंसान के सीधे संपर्क में आने से फैलता है. इसके होने पर बुखार और दस्त जैसे लक्षण नजर आते हैं. लक्षण अगर समय पर काबू में न आएं तो यह वायरस मौत का कारण बन सकता है.
aajtak.in