अगस्त का महीना आधा बीत चुका है. अब अगले कुछ महीनों में वो समय आएगा जब देश के अलग- अलग हिस्सों में डेंगू और मलेरिया के केस ज्यादा आने लगते हैं. ये दोनों ही बीमारी मच्छर के काटने से होती है और दोनों में ही बुखार आता है, लेकिन इनके लक्षण अलग होते हैं. बुखार डेंगू का है या मेलेरिया का और कौन- कौन से लक्षण इन बीमारियों के होते हैं. इनके बारे में एक्सपर्ट ने बताया है.
दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सुपरिटेंडेट डॉ. एल. एच घोटेकर ने इस बारे में बताया है. डॉ. घोटेकर कहते हैं कि मलेरिया और डेंगू दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली ट्रॉपिकल बीमारियाँ हैं जिनसे तेज बुखार आता है, लेकिन इनके कारण, मच्छर के प्रकार, लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं. मलेरिया एक पैरासाइट से होने वाला संक्रमण है जो रात में काटने वाले एनोफिलीज मच्छरों से फैलता है, जबकि डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो दिन में काटने वाले एडीज मच्छरों से फैलता है.
मलेरिया और डेंगू कैसे होता है?
मलेरिया प्लाज्मोडियम पैरासाइट से होता है. यह शाम से सुबह तक एक्टिव रहने वाली मादा एनोफिलीज मच्छरों से फैलता है, जबकि डेंगू: डेंगू वायरस (फ्लेवीवायरस) से होता है; दिन में एक्टिव रहने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों से फैलता है, लक्षणों में अंतर बुखार के पैटर्न की बात करें तो मलेरिया में बुखार बार-बार तेजी से बढ़ता है और इसके साथ ही जबरदस्त ठंड लगती है और बहुत पसीना आता है.
डेंगू में अचानक और लगातार तेज बुखार आता है, जिसमें ठंड लगने का कोई निश्चित पैटर्न नहीं होता. मलेरिया में शरीर में हल्का-फुल्का दर्द और थकान होती है. डेंगू में मांसपेशियों और जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है. इसीलिए इसे "ब्रेकबोन फीवर" (हड्डी तोड़ने वाला बुखार) भी कहा जाता है. इसके साथ ही आंखों के पीछे भी तेज दर्द होता है.
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रैश और ब्लीडिंग
डेंगू में स्किन पर रैश होना आम बात है (जो बुखार शुरू होने के कुछ दिनों बाद दिखते हैं) और साथ ही प्लेटलेट्स में तेजी से कमी आने का रिस्क हो सकता है, जिससे गंभीर मामलों में मसूड़ों या नाक से खून आ सकता है, मलेरिया में रैश और ब्लीडिंग कम ही होती है. इसके बजाय, यह रेड ब्लड सेल्स पर हमला करता है और इससे एनीमिया या पीलिया हो सकता है.
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जांच और इलाज
मलेरिया की जांच माइक्रोस्कोपिक ब्लड स्मीयर या रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट से जांच होती है और इसका इलाज आर्टेमिसिनिन-बेस्ड कॉम्बिनेशन थेरेपी जैसी खास एंटी-मलेरियल दवाओं से होता है. डेंगू की बात करें तो NS1 एंटीजन या एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट से जांच होती है. डेंगू के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा नहीं है. ंमरीज का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है.
आजतक हेल्थ डेस्क