सर्दियां अभी शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण बढ़ गया है. कई इलाकों में AQI 300 से अधिक है. प्रदूषण बढ़ने से कुछ लोगों को बार-बार छींक आना, गले में खुजली और साइनस से जुड़ी परेशानी हो रही है. लोग इसको मौसम में बदलाव या सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं. हालांकि, अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें या लंबे समय तक बने रहें, तो यह एलर्जिक राइनाइटिस का संकेत हो सकता है.
डॉक्टरों के मुताबिक, एलर्जिक राइनाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें नाक में सूजन हो जाती है. ये सूजन प्रदूषण के छोटे- छोटे धूल वाले कण, परागकण (पोलन), फफूंद के कारण होती है. जब ये चीजें सांस के साथ शरीर में जाती हैं तो इम्यूनिटी इन चीजों के खिलाफ एक्टिव हो जाती है. जिससे बार- बार छींक आना और साइनस की समस्या हो जाती है. कुछ लोगों को गले में जलन,नाक से गले में बलगम उतरने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. अगर पॉल्यूशन बढ़ता है तो इस बीमारी के लक्षण भी बढ़ सकते हैं. ऐसे में इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR की हवा बेहद खराब, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, देखें अपडेट
बढ़ता प्रदूषण है खतरा
ENT के डॉ. निखिल जैन ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि अब धीरे- धीरे दिल्ली एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में प्रदूषण बढ़ रहा है. इससे लोगों को बार- बार छींक आना, खांसी और नाक बंद होने की समस्या हो रही है. लेकिन इनको हल्के में नहीं लेना चाहिए.अगर लक्षण लगातार बने रहते हैं तो ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये सब एलर्जिक राइनाइटिस हो सकता है. एलर्जिक राइनाइटिस धूल और फूफंद से होता है, चूंकि प्रदूषण बढ़ते ही धूल के छोटे- छोटे कण भी हवा में फैलने लगते हैं तो ये समस्या बढ़ जाती है. जिसका सही इलाज जरूरी है, नहीं तो ये परेशानी बढ़ सकती है.
यह भी पढ़ें: Heart attack Causes : हर हार्ट अटैक ब्लॉकेज की वजह से नहीं होता, डॉक्टरों ने बताया ये भी हैं बड़े कारण
इन चीजों का जरूर रखें ध्यान
ज्यादा प्रदूषण होने पर घर से बाहर न निकलें
घर में धूल जमा होने से रोकें
बिस्तर और चादरों की नियमित सफाई करें
धूल या धुएं के संपर्क में आने से बचने का प्रयास करें
आजतक हेल्थ डेस्क