Omicron: लंदन में ओमिक्रॉन से बुरी हालत, ICU में भर्ती होने वाले मरीजों में ये एक बात है कॉमन, भारतीय भी दें ध्यान

ओमिक्रॉन का सबसे ज्यादा कहर UK में देखने को मिल रहा है. वहां अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. ओमिक्रॉन की वजह से कोरोना के अन्य मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. वहां के डेटा को देखते हुए पता चलता है कि वैक्सीन लगवानी कितनी जरूरी है.

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UK में ओमिक्रॉन का कहर UK में ओमिक्रॉन का कहर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST
  • UK में ओमिक्रान का कहर
  • तेजी से बढ़ रहे हैं मामले
  • वैक्सीन ना लगवाने वाले ज्यादातर लोग संक्रमित

Omicron: पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन के मामलो में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है लेकिन सबसे ज्यादा UK इसकी चपेट में आया है. इसके पीछे की एक वजह ये भी बताई जा रही है कि यहां अभी बहुत लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है. रॉयल लंदन अस्पताल के ICU डॉक्टर प्रोफेसर रूपर्ट पीयर्स का कहना है कि कुछ मरीज तो ऐसे हैं जो अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर्स को तुरंत वैक्सीन लगाने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल में एडमिट होने वाले कोरोना के ज्यादातर मरीज ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है और वो उम्र में 20 से 30 साल के हैं.  

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लंदन में वैक्सीनेशन की दर सबसे कम है, पूरे UK में 82 फीसदी की तुलना में यहां केवल 61 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है. बीबीसी रेडियो प्रोग्राम को दिए इंटरव्यू में प्रोफेसर पीयर्स ने कहा, 'हमारे पास आईसीयू में जितने भी मरीज हैं, उनमें से 80 से 90 फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है. हालांकि कोरोना के कुछ ऐसे मरीज भी आ रहे हैं जिन्होंने वैक्सीन लगवाई है. हमारे पास जितने भी मरीज आ रहे, उनमें से ज्यादातर यही पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें अब वैक्सीन लग सकती है?'

लंदन में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच कोरोना की वजह से अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या बहुत बढ़ गई है. इसके साथ सर्दियों के मौसम को देखते हुए यहां ICU की क्षमता को दोगुना किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर कार पार्किंग में फील्ड हॉस्पिटल भी बनाने की योजना है. डॉक्टर्स के मुताबिक, ओमिक्रॉन के ज्यादातर मरीजों में फिलहाल हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं और इसकी वजह से उन्हें अभी जनरल वॉर्ड में ही डाला जा रहा है. 

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बूस्टर का दिख रहा है असर- एक्सपर्ट्स के मुताबिक, UK में ज्यादातर बुजुर्गों को बूस्टर डोज लग चुकी है. यही वजह है कि अस्पतालों में उन युवाओं की संख्या ज्यादा है जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है, बूस्टर डोज नहीं लिया है या फिर हाल ही में लिया है. लंदन में 33.4 लोगों को बूस्टर डोज लग चुकी है. एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर आपने वैक्सीन नहीं लगवाई है तो आपकी सुरक्षा बस नाम मात्र रह जाती है. भले ही ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के हो लेकिन अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव ना पड़े, इसके लिए पूरी तैयारी की जा रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना कि जिन लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आ रहा है उनके संपर्क में आए लोगों को तीन दिनों तक या फिर तब तक घर में रहना चाहिए जब तक कि उनका PCR टेस्ट नेगेटिव नहीं आ जाता.

भारत में भी कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण के लगातार मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में ब्रिटेन की ये स्थिति भारतीयों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लें. इससे भले ही संक्रमण का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो रहा है लेकिन ये वैक्सीनेटेड लोगों को गंभीर रूप से बीमार नहीं कर रहा है.

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