क्या आयुर्वेदिक दवाओं से हार्ट की ब्लॉकेज खत्म हो सकती है? एम्स आयुर्वेद के डायरेक्टर ने बताया कितना फायदेमंद

दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति के मुताबिक, आयुर्वेद में हार्ट स्वास्थ्य के लिए कई औषधियां हैं, जो कोलेस्ट्रॉल और फैट के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती हैं.

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हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेद में क्या है इलाज हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेद में क्या है इलाज

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:09 PM IST

बीते कुछ सालों में लोग अपनी बीमारियों को ठीक करने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं. कई मामलों में मरीजों को काफी आराम भी मिल रहा है. लेकिन  हार्ट की बीमारियों में और खासतौर पर हार्ट ब्लॉकेज को क्या आयुर्वेद की जड़ी - बुटियों या दवाओं से ठीक किया जा सकता है? ये जानने के लिए Aajtak.in ने  दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति से बातचीत की है.

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वैद्य प्रदीप बताते हैं कि की हार्ट की आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव से एथेरोस्क्लेरोसिस होता है, जिसके कारण आर्टरी संकरी हो सकती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है. आयुर्वेद में हार्ट को स्वस्थ रखने और शरीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल के संतुलन के लिए कई दवाएं हैं. इसमें अर्जुन, गुग्गुलु, लहसुन और आंवला जैसी औषधियों पर रिसर्च भी किए गए हैं.

कुछ रिसर्च में इनसे कोलेस्ट्रॉल के लेवल और दिल की बीमारियों से जुड़े कई रिस्क को कम करने वाला बताया गया है. हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि आयुर्वेदिक दवाओं से हार्ट की नसों में जमा ब्लॉकेज पूरी तरह खत्म हो सकता है.

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खून में कोलेस्ट्रॉल और हार्ट में ब्लॉकेज अलग- अलग चीजें

 खून में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में जमा ब्लॉकेज दो अलग-अलग चीजें हैं. कोलेस्ट्रॉल कम होने का मतलब यह नहीं है कि हार्ट की नसों का ब्लॉकेज भी खत्म हो गया है. इसलिए जिन लोगों को हार्ट की नसों में ब्लॉकेज है, उन्हें डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं और उपचार जारी रखने चाहिए. आयुर्वेदिक दवाओं का यूज जरूरत पड़ने पर डॉक्टर  की सलाह से एक्स्ट्रा इलाज के रूप में किया जा सकता है. साथ ही अच्छी एक्सरसाइज, खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है. 

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अर्जुन की छाल कैसे है फायदेमंद

अर्जुन की छाल का यूज आयुर्वेद में लंबे समय से हार्ट के स्वास्थ्य के लिए किया जाता रहा है. इसमें कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिनस हार्ट की बीमारियों में फायदा मिलता है. हालांकि इसके सेवन के लिए कोई एक मात्रा या तरीका सभी लोगों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त नहीं माना जा सकता. अर्जुन की छाल का यूज करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अर्जुन की छाल का आयुर्वेदिक उपयोग का एक तरीका है, लेकिन इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होने या हार्ट की नसों में जमा ब्लॉकेज दूर होने का मेडिकल साइंस में कोई प्रमाण नहीं है. 

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