बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट्स के असली रंग सामने आने में ज्यादा वक्त नहीं लगता. लेकिन इस बार बॉक्सिंग रिंग की चैंपियन मैरी कॉम ने घर में एंट्री लेते ही कुछ ऐसा अंदाज दिखाना शुरू किया है, जिस पर अब सवाल उठने लगे हैं. रिंग में विरोधी को पछाड़ने वाली मैरी कॉम इन दिनों बिग बॉस के घर में अपनी ही तारीफों से दर्शकों को ‘पंच’ देती नजर आ रही हैं.
चार दिन के अंदर ही उनकी बातचीत में एक चीज बार-बार सुनाई दे रही है-मैं, मेरी मेहनत, मेरा मुकाम, मेरे जैसा कोई नहीं. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स अब उनके रवैये को लेकर नाराजगी जता रहे हैं.
‘पूरी दुनिया मुझे जानती है, आप कौन हैं?’
मैरी कॉम का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. उन्होंने रीति तिवारी से बातचीत में कहा- पूरी दुनिया मुझे जानती है. आप हैं कौन, मैं नहीं जानती.
बस फिर क्या था, इस लाइन ने बिग बॉस के बाहर बैठे दर्शकों को भी चर्चा का मसाला दे दिया. किसी की पहचान पर सवाल उठाना अलग बात है, लेकिन जिस अंदाज में ये बात कही गई, उसे कई दर्शकों ने घमंड से जोड़ दिया.वैसे ये पहली बार नहीं है जब मैरी के तेवर देखकर लोग हैरान हुए हों.
कभी फिटनेस की तारीफ, कभी अपनी ताकत का बखान
शो में मैरी कई बार अपनी फिटनेस और अपनी ताकत की बात करती दिखाई दी हैं. उनका कहना है कि रिंग में उनका मुकाबला करना आसान नहीं है. एक बातचीत में उन्होंने यहां तक कहा कि उन जैसा कोई नहीं बन सकता.
मैरी ने अपनी सफलता का क्रेडिट भी पूरी तरह अपनी मेहनत को दिया. उनका कहना रहा कि वह आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने में उनकी अपनी मेहनत लगी है. यहां तक कि उन्होंने अपनी शारीरिक ताकत को लेकर भी कहा कि उनमें इतना दम है कि वह किसी को भी उठाकर पटक सकती हैं.
अब भाई, बॉक्सिंग चैंपियन हैं तो ताकत पर भरोसा होना लाजिमी है. लेकिन बिग बॉस कोई बॉक्सिंग रिंग तो है नहीं. यहां सिर्फ मुक्का नहीं, मिजाज और जुबान भी गेम बदलते हैं.
‘मेरे बच्चे भी मेरे जैसे नहीं बन सकते!’
मैरी की बातों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा तब सामने आया, जब उन्होंने अपने बच्चों को लेकर भी कहा कि वे उनके जैसा नहीं बन सकते. उनका कहना था कि वह बच्चों को कितना भी ट्रेन कर लें, फिर भी उनके जैसा बनना आसान नहीं होगा. यानी बात फिर घूम-फिरकर वहीं आ जाती है- मेरे जैसा कोई नहीं. मैं सबसे बेस्ट!
यही अंदाज अब कुछ दर्शकों को खटकने लगा है. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि मैरी की बातचीत में ‘मैं’ शब्द कुछ ज्यादा ही सुनाई दे रहा है. और शो की एक डिडिकेटेड फैन होने के नाते मुझे भी अखर रहा है कि ये क्या हो रहा है. बिग बॉस के प्लेटफॉर्म पर आया हर कंटेस्टेंट एक समान होता है. तो क्यों कोई एकदम से इज्जत का हकदार सिर्फ इसलिए हो जाता है कि वो बॉक्सर है, या उम्रदराज है. मतलब हो तो कंटेस्टेंट ही ना भाई. अगर दिक्कत होगी तो पूरी इज्जत के साथ उसे पॉइंट आउट किया ही जाएगा.
मणिपुर की बात आई तो भी चर्चा खुद पर
एक और बातचीत में कनिका मान ने मैरी से पूछा कि अगर उन्हें मणिपुर के लिए कुछ करना हो तो वह किस तरह मदद कर सकती हैं. यहां मैरी ने मदद करने के तरीके बताने के बजाय अपना दर्द साझा किया. उन्होंने कहा कि मणिपुर में इतना कुछ हो गया, लेकिन वह कुछ नहीं कर पाईं. उन्हें इसका दुख है और वह इतना प्रभावशाली महसूस नहीं करतीं कि कुछ कर सकें.
इस बयान को अलग नजरिए से देखें तो इसमें उनकी बेबसी और दर्द साफ दिखाई देता है. लेकिन पूरे शो के संदर्भ में कुछ दर्शकों को फिर वही चीज नजर आई- बात किसी और मुद्दे से शुरू होती है और आखिर में मैरी के अपने संघर्ष और उनकी स्थिति पर आकर टिक जाती है.
यूजर्स बोले- ‘ये मैं-मैं कब खत्म होगी?’
मैरी कॉम देश के लिए कई बड़े खिताब जीत चुकी हैं और उनकी उपलब्धियों पर कोई सवाल नहीं है. उन्होंने जिस मेहनत से बॉक्सिंग में अपना नाम बनाया है, वह अपने आप में बड़ी कहानी है. इसके लिए हर भारतीय के मन में उनके लिए बहुत इज्जत होगी लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं बाकी लोग उनके मुकाबले कोई मायने नहीं रखते. सबने अपनी-अपनी फील्ड में बहुत स्ट्रगल किया होगा. तो किसी को ये कहना कि मुझे पूरी दुनिया जानती है, तुम कौन हो? मन को बहुत अखरता है.
बिग बॉस में उपलब्धियां सिर्फ सम्मान नहीं दिलातीं, व्यवहार भी उतना ही मायने रखता है. यही वजह है कि शो के 4 दिनों में ही कुछ यूजर्स उनके रवैये को ‘सुपीरियर कॉम्प्लेक्स’ से जोड़ रहे हैं.
फिलहाल बिग बॉस में मैरी कॉम की एंट्री ने एक अजीब सा ट्विस्ट जरूर ला दिया है. रिंग में विरोधियों पर भारी पड़ने वाली चैंपियन अगर घर में भी हर बातचीत में खुद को सबसे ऊपर रखती दिखेंगी, तो दर्शकों का रिएक्शन आना तय है.
क्योंकि बिग बॉस में असली मुकाबला सिर्फ ताकत का नहीं होता- यहां जनता तय करती है कि चैंपियन कौन है और ‘ओवर कॉन्फिडेंट’ कौन! अब देखते हैं कि पहले वीकेंड का वार में किसे क्या सबक मिलता है.
आरती गुप्ता