8 महीने से नॉनस्टॉप चल रहा इंडियन आइडल, TRP में नहीं दम, बोर हुई ऑडियंस, मेकर्स की ये कैसी जबरदस्ती?

इंडियन आइडल का 2026 में क्रेज खत्म हो चुका है. शो का फोकस अब सिंगिंग से हटकर ड्रामा, पब्लिसिटी स्टंट और जजों की मस्ती पर फोकस हो गया है. शो में नयापन खत्म हो गया है और दर्शक ऊब चुके हैं.

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Indian idol 16 judges (Photo: Instagram @vishaldadlani) Indian idol 16 judges (Photo: Instagram @vishaldadlani)

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

इंडियन आइडल, एक वक्त देश की शान हुआ करता था. म्यूजिक लवर्स के बीच शो का क्रेज था. इंडियन आइडल का मंच लोगों के लिए बस स्टेज नहीं, बल्कि सिंगिग करियर को उड़ान देने, संगीत जगत में छाने का जरिया था. शो के कई सीजन आए और गए, म्यूजिक इंडस्ट्री को धुरंधर सिंगर मिले, अनजाने चेहरे रातोरात स्टार बने, लेकिन 2026 में इंडियन आइडल का कायाकल्प हो चुका है. यूं कहें तो अब इंडियन आइडल वो शो नहीं रहा, जिसका लोग टकटकी लगाए इंतजार करते थे. समय की चाल के साथ इंडियन आइडल भी बदल गया है. जानते हैं शो के डाउनफॉल और लंबा खिंचने की वजहें.

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इंडियन आइडल का खत्म हुआ क्रेज
सिंगिंग शो अपना कोर (म्यूजिक) खो चुका है. ड्रामा, पब्लिसिटी स्टंट, जजों की मस्ती, इमोशनल स्टोरीज ने फ्रंटसीट ले ली है. शो को जबरन महीनों खींचा जा रहा है. सीजन 16 इसका सबसे बड़ा सबूत है. पिछले 8 महीनों से ये शो चलता ही जा रहा है. फिनाले कब होगा कोई नहीं जानता. शो को लगातार खींचा जा रहा है, इससे दर्शकों की दिलचस्पी भी कम होती जा रही है. 8 महीने आजकल डेली सोप का चलना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में इंडियन आइडल का रनटाइम लोगों को चौंका रहा है.

शो सिंगिंग कॉम्पिटिशन कम और डेली सोप ज्यादा बनकर रह गया है. इंडियन आइडल का फैंडम कम होने की वजह सोशल मीडिया भी है. अब सिंगर्स को अपना टैलेंट दिखाने के लिए रियलिटी शोज पर डिपेंड नहीं होना पड़ता. वो यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे दर्शकों तक पहुंचकर हिट हो सकते हैं. 

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टीआरपी में नहीं कमाल
शो का लंबा रनटाइम देखकर आप सोचेंगे शायद ये टीआरपी में टॉप पर होगा, इसलिए मेकर्स इसे महीनों चला रहे हैं. मगर ऐसा नहीं है. शो टॉप 10 से बाहर रहता है. पहले जहां इंडियन आइडल के एपिसोड्स सोशल मीडिया पर वायरल होते थे, अब कम ही ऐसा नजर आता है. इसकी बड़ी वजह शो की यूनीकनेस खत्म होना और कैजुअल अप्रोच है. शो को लेकर लोगों में पहले जैसी एक्साइटमेंट नहीं रही. हालात ऐसे बने हैं कि सिंगर्स को लेकर भी सोशल मीडिया पर कोई बज नहीं है. सीजन 16 का एक भी टॉप सिंगर लाइमलाइट में नहीं है. 

शो में नयापन नहीं
पहले सिंगिंग शो के एपिसोड्स में रियलिटी झलकती थी. लेकिन अब शो के इमोशंस बनावटी नजर आते हैं. इससे शो की क्रेडिबिलिटी पर असर पड़ा है .यूजर्स को इंडियन आइडल में नएपन की कमी महसूस होती है. शो को बस उसकी लॉयल ऑडियंस ही देख रही है. हर साल एक जैसी थीम, सेलेब्रिटी गेस्ट्स, स्पेशल वीकेंड शो देखकर दर्शक ऊब गए हैं. 

क्यों बंद नहीं हो रहा इंडियन आइडल 16?
इंडियन आइडल के इतिहास में सबसे लंबा चला सीजन 12 है. ये करीबन 9 महीने ऑनएयर रहा था. इतने लंबे सीजन का ग्रैंड फिनाले भी आम नहीं था. ये ग्रेटेस्ट ग्रैंड फिनाले थे. जो 12 घंटे चला था. सीजन 12 के बड़े रनटाइम की वजह कोरोना काल था. तब घर में बंद दर्शकों को इसने खूब एंटरटेन किया था. शो को जबरदस्त टीआरपी भी मिली थी. लेकिन सीजन 16 के इतना लंबा खिंचने की बड़ी वजह नजर नहीं आती. शो में कई दफा एलिमिनेशंस रोके गए हैं. स्पेशल थीम एपिसोड दिखाए जा रहे हैं. प्रोडक्शन टीम फैंस के फेवरेट कंटेस्टेंट्स को ग्रैंड फिनाले से पहले ज्यादा स्क्रीन टाइम दे रही है.

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सीजन 16 के लंबे खिंचने की वजह TRP तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो को जानबूझकर एक्सटेंशन दिया गया ताकि वीकेंड स्लॉट भरता रहे. क्योंकि ये चैनल का भरोसेमंद शो है. भले ही इंडियन आइडल को टीआरपी बंपरफाड़ ना मिल रही हो, लेकिन अभी भी सिंगिंग शो चैनल के टॉप ब्रांड्स में से एक है.

दावा है इंडियन आइडल चैनल के कई दूसरे रियलिटी शोज से बेहतर परफॉर्म करता है. ओटीटी प्लेटफॉर्म SonyLIV पर इसकी व्यूअरशिप को स्ट्रॉन्ग करना भी एक मकसद है. टीवी रेटिंग अब शो के सक्सेस का इकलौता पैमाना नहीं रह गया है. इंडियन आइडल SonyLIV पर भी देखा जाता है. ऑनलाइन टीआरपी में शो के बेहतर करने की चर्चा है.

कई बार मेकर्स नया शो लॉन्च करने बजाय मौजूदा ब्रांड को कुछ हफ्ते और चलाना पसंद करते हैं. ताकि प्रोडक्शन रिस्क कम रहे, वीकेंड स्लॉट खाली न पड़े. ये सब एक्सपेरिमेंट इंडियन आइडल के साथ हो रहे हैं. शो को लंबा चलाने के पीछ चैनल की प्रोग्रामिंग रणनीति की सोची समझी कोशिश है. अब शो को दर्शक भले ही नकार रहे हों, लेकिन मेकर्स की तो बल्ले बल्ले है.

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