बार में की सफाई-उठाया कूड़ा? टॉयलेट पेपर फैक्ट्री में किया काम, विदेश में एक्टर ने देखे बुरे दिन

विवेक दहिया ने बताया कि विदेश में उन्होंने बार में नौकरी की थी, जहां उनसे टेबल साफ करवाईं जाती थीं. उनसे कूड़ा-कचरा उठाने को भी कहा गया था, जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी.

Advertisement
विवेक दहिया ने याद किए मुश्किल दिन (Photo: Social Media) विवेक दहिया ने याद किए मुश्किल दिन (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST

विवेक दहिया दिव्यांका त्रिपाठी के पति होने के साथ टीवी के मशहूर एक्टर भी हैं. विवेक को 'ये हैं मोहब्बतें' शोज से घर-घर में पहचान मिली. विवेक आज लैविश लाइफ जीते हैं. लेकिन एक समय पर उन्होंने काफी संघर्ष किया और विदेश में छोटी-मोटी नौकरी करके खर्च चलाया था.  

विवेक ने बार में किया काम

विवेक दहिया ने अब फिल्मीज्ञान संग इंटरव्यू में बताया कि पढ़ाई के लिए वो यूके (UK) चले गए थे. वहां अपना खर्चा निकालने के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए. उन्होंने बार और टॉयलेट पेपर फैक्ट्री में काम किया था. 

Advertisement

विवेक दहिया बोले- मैं यूके में एक स्टूडेंट था. मैं 18 साल का था और खुद कमाकर आत्मनिर्भर बनना चाहता था, ताकि अपने पिता पर निर्भर न रहूं. मैं अपने सीवी (CV) का प्रिंटआउट लेकर शहर में घूमते हुए हर दुकान पर बांटता था. वहां आपको शुरुआती नौकरियां ऐसे ही मिलती हैं, क्योंकि आपको कोई बड़ी नौकरी नहीं देता. जब आपके पास लिखने के लिए कोई अनुभव नहीं होता, तो आप भारत में एनजीओ (NGO) में काम करने जैसी फर्जी बातें लिख देते हैं. वो वैसे भी यहां आकर जांच करने वाले नहीं थे. उस समय हर कोई इसी नियम का पालन करता था. 

विवेक दहिया को आखिरकार एक बार में नौकरी मिल गई थी. इस बारे में उन्होंने बताया- ऐसा करते हुए मैं एक बार में पहुंचा, जहां एक बारटेंडर की जगह खाली थी. मैंने हमेशा खुद को कांच के गिलासों से खेलते और कॉकटेल बनाते हुए इमेजिन किया था. यह दिखने में बहुत ग्लैमरस लगता था. मैनेजर ने मुझसे कहा था कि वो मुझे बारटेंडर की जॉब तो नहीं दे सकता, लेकिन जैसे ही रात शुरू होगी, मैं वहां काम में मदद कर सकता हूं. मैं अपने एक दोस्त के साथ गया था, हम दोनों बहुत एक्साइटेड थे कि हमें हमारी पहली जॉब मिल गई है. 

Advertisement

बार में साफ करनी पड़ीं टेबल

विवेक आगे बोले- मेरे पहले दिन ही मुझसे स्प्रे और कपड़े से टेबल साफ करवाई गई. एक टेबल साफ नहीं थी और वहां एक कपल बैठा था. उन्होंने मुझसे उसे साफ करने को कहा, लेकिन जब मैंने टेबल पर स्प्रे किया, तो गलती से वो लड़की के पैर पर चला गया था. मुझे इसका एहसास नहीं हुआ. उसके बॉयफ्रेंड ने उठकर मेरा कॉलर पकड़ लिया और मुझे गाली देने लगा. तब मुझे ध्यान आया कि लड़की के कपड़ों पर स्प्रे चला गया था. मैंने माफी मांगी और सिक्योरिटी ने स्थिति संभाली.  मैनेजर ने मुझे डांटा और ठीक से बर्ताव करने की हिदायत दी थी. 

कूड़ेदान साफ करने को कहा गया

विवेक ने आगे बताया कि उन्हें कूड़ेदान साफ करने को कहा गया था, जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी. विवेक बोले- बाद में रात में, हमें फर्श से टूटी हुई बोतलें और कांच उठाने पड़े थे. कुछ बार झुकने के बाद हमें एहसास हुआ कि अगर हम पूरी रात ऐसा करेंगे तो हमारी पीठ में बहुत दर्द होगा. मेरे दोस्त ने सुझाव दिया कि हमें नौकरी छोड़ देनी चाहिए. तब तक मैनेजर ने हमसे कूड़ेदान से कचरा उठाने के लिए कहा. मेरे दोस्त ने कहा कि वो नौकरी छोड़ रहा है और मैं भी उसके साथ बाहर निकल गया था. 

Advertisement

विवेक दहिया ने आगे कहा- मैंने टॉयलेट पेपर फैक्ट्री, एलजी (LG) टीवी फैक्ट्री और कॉल सेंटरों में भी काम किया. मैंने डोमिनोज के लिए डिलीवरी बॉय के रूप में भी काम किया. मेरे पास एक बीएमडब्ल्यू (BMW) थी और मैं उस कार से पिज्जा डिलीवर करता था. कस्टमर यह देखकर हैरान रह जाते थे कि मैं बीएमडब्ल्यू में पिज्जा डिलीवर करने आया हूं. मुझे कारों का बहुत शौक था. जब आप विदेशों में छोटे-मोटे काम करते हैं, तो आप सेकंड हैंड बीएमडब्ल्यू, शायद 15 साल पुरानी कार खरीदने के लिए आसानी से पैसे बचा सकते हैं. मेरी रणनीति बिल्कुल यही थी. मैं ऐसी कार चलाने का मजा लेना चाहता था. 
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »