टीवी की 'गोपी बहू' यानी देवोलीना भट्टाचार्जी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में है. इस बार वजह उनका एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट पर बहस छेड़ दी. मामला मंत्रोच्चारण, आरक्षण, जाति और नौकरी तक पहुंच गया और फिर यूजर्स ने एक्ट्रेस को जमकर घेर लिया.
एक वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद
X एक यूजर ने एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में कुछ ब्राह्मण बच्चे वेदों की पढ़ाई और मंत्रोच्चारण करते नजर आ रहे थे. वीडियो शेयर करते हुए यूजर ने सवाल उठाया कि ऐसी धार्मिक पढ़ाई का देश के विकास में क्या योगदान है? उसने लिखा कि इससे सिर्फ एक जाति विशेष को फायदा होगा, क्योंकि बड़े होकर ये मंदिरों में पुजारी या ट्रस्टी बन सकते हैं. इसके बाद पोस्ट पर बहस शुरू हो गई.
इसी पोस्ट पर एक दूसरे यूजर ने लिखा- पढ़ाई-लिखाई के समय मंत्रोच्चार करेंगे, फिर नौकरी नहीं मिलेगी तो आरक्षण को दोष देंगे. शर्मनाक. इस पर देवोलीना ने जवाब देते हुए लिखा- मंत्रोच्चारण करके देखो. आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी. खुद भी ज्ञानी बनोगे और दूसरे को भी तकलीफ नहीं होगी. बस, यही जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग दो हिस्सों में बंट गए.
फिर शुरू हुई तीखी बहस
देवोलीना के पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी. कुछ लोगों ने कहा कि मंदिरों में पुजारी बनने का अधिकार हर किसी को नहीं मिलता, तो कुछ ने उनके तर्क पर सवाल उठाए.
एक यूजर ने लिखा- आपकी बातों में उतना ही लॉजिक है, जितना आपके टीवी सीरियल्स में होता है. वहीं एक अन्य यूजर ने उन पर राजनीतिक चाटुकारिता करने का आरोप लगाया. कई लोगों ने उनकी पोस्ट को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं, जबकि कुछ यूजर्स ने उनका समर्थन भी किया. वहीं कई ने उनकी इंटरफेथ मैरिज पर भी ताने कस दिए और कहा कि- इसलिए आप भी अपना धर्म छोड़ कहीं और मंत्र पढ़ने चली गईं.
पहले भी बेबाकी से रखती रही हैं अपनी राय
देवोलीना भट्टाचार्जी सोशल मीडिया पर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं. इससे पहले भी वह कई मुद्दों पर अपनी बात रख चुकी हैं.
हाल ही में उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग की थी. उन्होंने X पर लिखा था कि अब दूसरे राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को भी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.
फिलहाल, मंत्रोच्चारण और आरक्षण पर देवोलीना की एक टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. कोई उनके बयान का समर्थन कर रहा है तो कोई इसे गलत ठहरा रहा है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क