हॉलीवुड से शुरुआत, फिर भी बॉलीवुड ने नहीं स्वीकारा, गौरव चोपड़ा हुए नेपोटिज्म का शिकार

नेपोटिज्म की चर्चा करते हुई गौरव ने बताया की हॉलीवुड में लिओनार्डो डिकैप्रियो के साथ एक बड़ी फिल्म करने के बाद भी वो बॉलीवुड में अपना करियर शुरू नहीं कर पाए.

Advertisement
गौरव चोपड़ा गौरव चोपड़ा

साधना कुमार

  • मुंबई,
  • 23 जून 2020,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने एक बार फिर से बॉलीवुड जगत में नेपोटिज्म शब्द को चर्चा का विषय बना दिया है. जिसे देखो वो इस विषय पर बात कर रहा है. लेकिन ये जो भाई-भतीजावाद है वो केवल फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि हर इंडस्ट्री में है. टीवी एक्टर गौरव चोपड़ा ने भी अपनी जिंदगी में नेपोटिज्म को झेला हुआ है. इस बारे में उन्होंने आज तक के साथ बात की. उन्होंने बताया की किस तरह वो भी भाई-भतीजावाद का शिकार हुए और किस तरह लोगों ने उनसे कन्नी काट ली. लेकिन फिर भी अपने आप पर विश्वास करते हुए गौरव आगे बढ़ते चले गए.

Advertisement

नेपोटिज्म की चर्चा करते हुई गौरव ने बताया की हॉलीवुड में लिओनार्डो डिकैप्रियो के साथ एक बड़ी फिल्म करने के बाद भी वो बॉलीवुड में अपना करियर शुरू नहीं कर पाए. उन्होंने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री में मैंने खुद नेपोटिज्म झेला है. मैं भी उसका विक्टिम रहा हूं, लेकिन मैंने उसकी मौजूदगी को स्वीकार भी लिया है. जैसे हर इंडस्ट्री में ऐसा होता ही वैसा ही इस इंडस्ट्री का भी ये एक हिस्सा है, जिसे बदलना तो चाहिए लेकिन उसकी मौजूदगी को भी स्वीकारना चाहिए."

हॉलीवुड फिल्म करने के बाद भी नहीं मिला बॉलीवुड में काम

गौरव ने अपना उदाहरण देते हुए कहा, "आज से बहुत साल पहले जब मैं एक बहुत बड़ी फिल्म शूट करने गया था लिओनार्डो डिकैप्रियो के साथ तो मैं सच बता रहा हूं कि उस समय मेरे मन में यही ख्याल थे कि मैं हमारे देश का नाम रोशन करूंगा. उस वक्त कोई नहीं जाता था हमारे यहां से हॉलीवुड में काम करने. लेकिन वो हॉलीवुड फिल्म करने के बाद भी मेरी बॉलीवुड में शुरुआत ना हो सकी. कुछ फिल्में शुरू होकर बंद हो गईं. तो वहां मुझे निराशा हुई पर तभी मैंने खुद को ये समझाया की ये स्वीकारना पड़ेगा. जिस तरह से कुछ अच्छी सफलताएं मिलीं, उसी तरह से कुछ असफलताएं भी मिलीं. जिस तरह से बहुत तारीफ और बहुत प्यार मिला उस तरह से कुछ झटके भी मिले."

Advertisement

'मेरे खिलाफ भी हुआ है ग्रुपिज्म'- गौरव

छोटे पर्दे पर गौरव ने कई सीरियल्स किए हैं और कई रियलिटी शो में भी नजर आए हैं. लेकिन फिर भी ग्रुपिज्म का शिकार हुए. गौरव ने कहा, "देखिए मैं खुद एक बाहर वाला हूं और बहुत बार ग्रुपिज्म का शिकार हुआ हूं, अपने करियर में भी और पर्सनली भी. मैं ज्यादा पार्टी नहीं करता, शराब नहीं पीता, लोगों के साथ बैठकर दूसरी और चीजें नहीं करता. हालांकि उनका व्यवहार मेरे साथ बहुत अच्छा है पर बहुत ऐसे ग्रुप्स बने हैं जहां पर मेरे खिलाफ बातें कही गईं हैं और दूसरे लोगों का मन मेरे खिलाफ खट्टा किया गया है. लोग इनसिक्योर हुए हैं, ये सबने झेला है सिर्फ मैंने नहीं. उससे अपने आपको नेगेटिव कर लेना, अपनी जिन्दगी को नेगेटिव करना हो जाता है."

गौरव ने आगे कहा, "जिस समाज में हम जीते हैं उसमें कौन सा ऐसा डिपार्टमेंट और कौन सा ऐसा काम है जिसमें ये नेपोटिज्म मौजूद ना हो. हर जगह कम्पटीशन है, हर जगह मैनीपुलेशन है, हर जगह लोग अपनी पहुंच और कॉन्टेक्ट लगाने की कोशिश करते हैं. समाज के हर दायरे में ये चलता है. सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के बारे में या फिर टीवी इंडस्ट्री के बारे में बोलना मुझे गलत और अनफेयर लगता है."

Advertisement

बता दें कि लॉकडाउन लगने से पहले गौरव चोपड़ा सीरियल संजीवनी 2 में मिस्टर सिंह के किरदार में नजर आए थे. खबर है कि बहुत जल्द कसौटी जिन्दगी की 2 में वो मिस्टर बजाज का किरदार निभा सकते हैं. वैसे गौरव चोपड़ा ने थॉर-रग्नारॉक, अवेंजर्स-इंफिनिटी वॉर और अवेंजर्स-एन्डगेम में थॉर को अपनी आवाज दी है. उन्होंने इस किरदार की हिंदी डबिंग की थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »