दक्षिण भारत की मशहूर अभिनेत्री और पद्मश्री से सम्मानित सौकार जानकी का आज 94 साल की उम्र में निधन हो गया. काफी समय से उनकी तबीयत खराब थी और वह चेन्नई के कावेरी अस्पताल के ICU में भर्ती थीं. अभिनेता नासर ने उनके निधन की पुष्टि की.
नासर ने बताया कि सौकार जानकी का निधन हो गया है. इससे पहले सौकार जानकी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था . उन्हें डॉक्टर की निगरानी में रखा गया था. कई दिनों तक इलाज के बाद शुक्रवार दोपहर एक बजकर 59 मिनट पर उनका निधन हो गया.
सौकर जानकी का जन्म आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक कन्नड़ भाषी परिवार में हुआ था. परिवार ने कम उम्र में ही उनकी शादी कर दी थी. उनकी शादी श्रीनिवास राव के साथ हुई थी. प्रेग्नेंसी के दौरान ही उन्होंने अपनी दसवीं की परीक्षा दी थी. बाद में उन्होंने असम की गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. उनकी दो बेटियां और एक बेटा है. बाद में उन्होंने आकाशवाणी मद्रास (ऑल इंडिया रेडियो) में रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया.
सौकार जानकी का करियर
सौकार जानकी ने साल 1950 में तेलुगू फिल्म शावुकारू से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था, जिसका निर्देशन एलवी प्रसाद ने किया था. इसके बाद उन्होंने 1952 में तमिल सिनेमा में टीआर सुंदरम की फिल्म वलयापति से डेब्यू किया. अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं की फिल्मों में काम किया.
साल 1959 में डॉ. राजकुमार के साथ वह कन्नड़ सिनेमा की पहली पैन इंडिया फिल्म मानी जाने वाली महिषासुर मर्दिनी में नजर आई थीं. उन्होंने अपनी फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्में की है. फिल्मों के साथ उन्होंने कई टीवी सीरियल में भी काम किया है. उनको सिनेमा में शानदार योगदान के लिए 2022 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क