बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रियलिटी शोज की दुनिया में कदम रखा है. अपने भाई तहसीन पूनावाला की तरह अब वो भी शोबिज में उतरे हैं. तहसीन बिग बॉस का हिस्सा बने थे. लेकिन उनके भाई रियलिटी शो राइज एंड फॉल 2 में दिखेंगे. पेशे से एडवोकेट, कॉलमिस्ट, पॉलिटिकल कमेंटेटर रहे शहजाद को शो में देखना फैंस को एक्साइट कर रहा है.
कैसे शुरू हुआ राजनीति में सफर?
शहजाद ने साल 2008 से 2017 तक कांग्रेस में काम किया. उनका पार्टी और पार्टी मेंबर्स संग विवाद हुआ था. जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाई. पार्टी से निकलने के बाद उन्होंने कांग्रेस की लीडरशिप और राहुल गांधी पर निशाना साधा. लेकिन उनके भाई तहसीन कांग्रेस से जुड़े रहे. राजनीति के चक्कर में दोनों भाइयों की भी आपस में ठनी.
X पर एक पोस्ट के जरिए तहसीन ने भाई संग रिश्ते खत्म किए. उन्होंने पोस्ट में ऐलान किया कि वो भाई शहजाद के बिहेवियर से नाराज हैं. इसलिए वो और उनकी पत्नी खुद को शहजाद से अलग करते हैं. हालांकि आज दोनों भाइयों के रिश्ते अच्छे हैं. शहजाद को 'राइज एंड फॉल' के लिए तहसीन ने गुड लक विश किया है.
शहजाद ने क्यों छोड़ी बीजेपी?
2017 में शहजाद बीजेपी में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने. सालों तक बीजेपी से जुड़े होने के बाद अगस्त 2026 में उन्होंने पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफा दिया. बीजेपी की मेंबरशिप भी छोड़ी. इसके पीछे की वजह उन्होंने फाइनेंशियल और पर्सनल कारण बताए. हालांकि वो बीजेपी की विचारधारा का समर्थन करते रहेंगे. 1987 में पुणे में जन्मे शहजाद पूनावाला के पिता सरफराज पूनावाला बिजनेसमैन थे. उनके निधन के बाद उनकी मां यासमीन पूनावाला ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली. शहजाद ने इंस्टा बायो में लिखा है- मेरा धर्म इस्लाम है, संस्कृति हिंदू है और विचारधारा भारतीय है. जय हिंद.
गांधी परिवार से खास कनेक्शन
शहजाद और तहसीन दो भाई हैं. तहसीन पेशे से राजनीतिक विश्लेषक, सामाजिक कार्यकर्ता और कॉलमिस्ट हैं. वो कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. तहसीन ने मोनिका वाड्रा से शादी कर घर बसाया. मोनिका, प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की कजिन सिस्टर हैं. मोनिका पेशे से जूलरी क्यूरेटर और आर्टिस्ट हैं. तहसीन और मोनिका का एक बेटा है.
शहजाद ने क्यों नहीं की शादी?
भाई तहसीन की तरह शहजाद ने शादी नहीं की है. वो अभी तक कुंवारे हैं. ABP को दिए इंटरव्यू में शहजाद ने शादी पर कहा था- मैं वेडिंग नहीं करता. अगर करता तो मैरिज करता. दोनों में बहुत फर्क है. वेडिंग सेरेमनी है. मैरिज कंपैटिबिलिटी है. वेडिंग समाज के लिए होती है, मैरिज खुद के लिए होती है. कंपैटिबिलिटी के लिए समय चाहिए. वो समय और एनर्जी अभी मेरे पास नहीं है. क्योंकि मैंने खुद को दूसरी चीजों में इंवेस्ट किया हुआ है. मेरा कमिटमेंट देश और पार्टी के लिए है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क