'वे देश विरोधियों पर अंकुश के समर्थक थे...', नाना पाटेकर को याद कर PM मोदी ने किया 'प्रहार' का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा. वो बंधनों में नहीं रहे. परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े. उन्होंने समज में व्याप्त व्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करार प्रहार किया. वो ऐसे क्रांतिवीर थे जिन्होंने बुराइयों के विरोध में काम किया.

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पीएम मोदी ने दी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि. (Photo: ITG) पीएम मोदी ने दी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि. (Photo: ITG)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि आज सुबह ही खबर आई कि मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं रहे. वे बेहतरीन कलाकार थे जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता. 

पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा. वो बंधनों में नहीं रहे. परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े. उन्होंने समाज में व्याप्त व्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करार प्रहार किया. वो ऐसे क्रान्तिवीर थे जिन्होंने बुराइयों के विरोध में काम किया. उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी उतनी ही प्रभावी थी. वो देश के विरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे. मैं नाना पाटकेर को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार और चाहनों वाले के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. 

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बता दें कि लेजेंडरी एक्टर नाना पाटेकर ने आठ अक्टूबर को अंतिम सांस ली. नाना की मौत की खबर ने देशवासियों को बड़ा झटका दिया है. नाना पाटेकर का फिल्मी सफर करीब पांच दशक लंबा रहा है. उन्होंने बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में मुकाम पाया. उनका करियर छोटे और सपोर्टिंग्स रोल से शुरू हुआ था और फिर वो बड़े स्टार बने. .

मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ. उनका अंतिम संस्कार पुणे के फॉर्महाउस में होगा. नाना पाटेकर ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं. 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला.

उन्हें 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था. इस तरह उन्हें करियर में तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले. भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया.

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