'पहली फिल्म में ही कर दी गलती', नीरजा की शूटिंग को याद कर बोले जिम सर्भ

एक्टर जिम सर्भ ने फिल्म इंडस्ट्री में हायरार्की को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म नीरजा का एक किस्सा शेयर किया, जिसमें उन्होंने गलती से सोनम कपूर के मुंह पर बंदूक लगा दी थी.

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जिम सर्भ को याद आए नीरजा की शूटिंग के दिन. (Photo: PTI) जिम सर्भ को याद आए नीरजा की शूटिंग के दिन. (Photo: PTI)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

एक्टर जिम सर्भ ने पिछले एक दशक से अपनी शानदार एक्टिंग से फिल्म और ओटीटी पर खास पहचान बनाई है. उन्होंने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाया है. सर्भ ने 'नीरजा' से फिल्मों में एक्टिंग की शुरुआत की और इस फिल्म ने उन्हें पहचान भी दिलाई. फिल्म इंडस्ट्री में अब वह 10 साल पूरे कर चुके हैं. इस खास मौके पर उन्होंने फिल्म सेट के माहौल और अपने शुरुआती अनुभवों के बारे में खुलकर बातें की.

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एक इंटरव्यू के दौरान जिम सर्भ ने अपनी डेब्यू फिल्म 'नीरजा' का एक किस्सा शेयर किया. राम माधवानी निर्देशित फिल्म नीरजा 2016 में रिलीज हुई थी. ये फिल्म नीरजा भनोट पर आधारित है जिसमें सोमन कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी. वहीं, जिम सर्भ फिल्म में एक आतंकवादी के रोल में नजर आए थे.

पहले ही दिन हो गई थी बड़ी गलती

जिम ने खुलासा किया कि कैसे शूटिंग के पहले ही दिन उनसे गलती से सोनम कपूर के मुंह पर बंदूक लग गई थी. उन्होंने कहा, ' शूट के पहले ही दिन मैंने गलती से सोनम के मुंह पर बंदूक लगा दी. मैंने अपने आप को बोला, ओह गॉड मैंने क्या कर दिया? मैं उस घबराहट को कभी नहीं भूल सकता. सोनम ने काफी सहजता से स्थिति को संभाला और बाकि लोग मैं जो एक्टिंग कर रहा था उसका आनंद ले रहे थे. खुशकिस्मती से पहली ही फिल्म से निकाला नहीं गया, वरना शायद मैं यहां नहीं होता.'

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हायरार्की को समझना आसान नहीं था

जिम ने बताया कि नीरजा के दौरान उन्हें पहली बार फिल्म इंडस्ट्री में हायरार्की का अनुभव हुआ. उन्होंने कहा, 'उस समय मैं फिल्म में आया ही था जब मुझे हायरार्की  के बारे में पता चला. थिएटर में काम करके फिल्म में आना मेरे लिए नया और अलग तरीके का अनुभव था. मुझे नहीं लगता कि मैं अभी भी इसमें एडजस्ट हुआ हूं. मैंने जो थिएटर में काम किया था, वहां का अनुभव अलग था. वहां सभी लोग मिलकर काम करते थे लेकिन फिल्म में ऐसा नहीं था.'

फिल्म के सेट पर मौजूद अलग-अलग स्तर की हायरार्की को समझना सर्भ के लिए आसान नहीं था. इस पर उन्होंने कहा, 'फिल्म में बहुत तरीके की हायरार्की होती है और मुझे लगता है जितना उसे खत्म किया जा सकता है, उतना ही फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य के लिए बेहतर होगा.'

उनके मुताबिक, अगर किसी प्रोजेक्ट में किसी व्यक्ति को उनके काम और योगदान के आधार पर अगर चुना जाता है तब सभी के बीच में आपसी सम्मान होता हैं और ऐसे में सभी हर काम अच्छे तरीके से करते हैं. जबकि हायरार्की में लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं.

जिम इससे पहले जुलाई में एक पॉडकास्ट में भी फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती अनुभवों के बारे में बात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआत उनके लिए आसान नहीं था. उन्होंने कहा, 'मैं काफी यंग था और गरम दिमाग वाला था, मुझे गुस्सा बहुत जल्दी आता था. मुझे समझ नही आता था कि लोग मेरे साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हैं.'

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सर्भ के शुरुआती दिन आसान नहीं थे लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और वह डटे रहे. उन्हें बहुत बार गुस्सा आता था और कई बार वह निराश भी हो जाते थे. अब पीछे मुड़कर देखते है तो उनको लगता है कि शायद उन्हें अपनी बात थोड़ी नरमी से रखनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि हर किसी के सामने अपनी परेशानी बताने के बजाय अपने करीबी लोगों के साथ उसे शेयर करना बेहतर होता है.

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