'हनुमान अंश' में बुंदेली भजन गाकर छाया गांव का लड़का, आंखों से दिखता नहीं, आवाज से बनाया मुरीद

2 करोड़ में बनी फिल्म हनुमान अंश का भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे' दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी ने गाया है, जो बुंदेलखंड के हैं. सुनील की कहानी इंस्पायरिंग है, जिन्होंने अपनी दृष्टिबाधा को ताकत बनाया और आवाज से करोड़ों दिल जीते.

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Hanuman ansh singer Suneel Lodhi (Photo: Instagram @suneel_lodhi.singer/social media) Hanuman ansh singer Suneel Lodhi (Photo: Instagram @suneel_lodhi.singer/social media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर 2 करोड़ में बनी फिल्म हनुमान अंश ने गदर काटा हुआ है. इसकी कमाई ने हर किसी को हैरान किया है. नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म को देखकर लोग भावविभोर हो रहे हैं. इसका एक गाना लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. सॉन्ग 'मैंने तेरे ही भरोसे' इंटरनेट पर अपनी रॉ और अर्थी अपील की वजह से लोगों का दिल जीत रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं इस सुपर डुपर हिट गाने को एक दृष्टिबाधित सिंगर ने गाया है.

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कौन हैं सुनील लोधी?
बुंदेलखंड के सिंगर सुनील लोधी ने ये भजन गाया है. उनकी आवाज देखते ही देखते पैन इंडिया सेंसेशन बन गई है. तंबूरा लेकर भजन गाने वाले सुनील की आवाज गांव से निकलकर बड़े पर्दे पर गूंज रही है. शायद सुनील ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनकी आवाज उन्हें बॉलीवुड तक लेकर जाएगी. मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड से ताल्लुक रखने वाले सुनील सालों से भजन और बुंदेली लोकगीत गाते हैं. उन्हें पहचान मिली हनुमान भजन 'मोरे संकट के कटैया…' से. 

इस भजन ने उन्हें लोगों के बीच फेमस किया. इसे ऑनलाइन 29 मिलियन व्यूज मिले हैं. सुनील का ये गाना फिल्ममेकर और म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज VRK ने सुना. वो इतने मंत्रमुग्ध हुए कि उन्होंने सुनील को ढूंढा और उन्हें मुंबई ले आए. हालांकि सुनील की खोज में उन्हें काफी भटकना पड़ा था. मुंबई में पंकज ने सुनील से 8 गाने रिकॉर्ड कराए, जिनमें से 'मैंने तेरे ही भरोसे' फिल्म हनुमान अंश में शामिल किया गया. 25 साल के सुनील को तब कोई आइडिया नहीं था उनका गाया एक गाना फिल्म का हिस्सा बनेगा. उनका कहना है वो इस तरह से भजन गाते रहते हैं इसलिए ये गाना रिकॉर्ड करना बड़ी बात नहीं थी.

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संगीत संग उनका कनेक्शन बचपन से था. हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में सुनील ने कहा- मैं तंबूरा पर गाया करता था. सालों तक उन्होंने बुंदेली लोकगीतों को गाकर अपने समाज का दिल जीता. डिजिटल प्लेटफॉर्म आने से उनकी पहुंच बढ़ी. उन्हें बुंदेली दुनिया सोशल मीडिया पेज से पहचान मिली. उन्हें लोगों ने नोटिस किया. 

सुनील आंखों से देख नहीं सकते. लेकिन अपनी कमजोरी को उन्होंने ताकत बनाया. क्या हुआ अगर वो दृष्टिबाधित हैं. अपनी आवाज के दम पर आज वो करोड़ों लोगों के दिलों में बस गए हैं. उनकी कहानी बताती है कि टैलेंट किसी बात की मोहताज नहीं होती.

बात करें फिल्म हनुमान अंश की तो, इसे विशाल चतुर्वेदी ने डायरेक्ट किया है. 7 अगस्त को रिलीज हुई ये फिल्म 45 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी है. 

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