आज से एक दशक पहले साल 2015 में साउथ की तरफ से एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसने लोगों के होश उड़ा दिए थे. फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली की बाहुबली आई थी, जो टिपिकल साउथ मसाला पिक्चर नहीं थी. बल्कि एक ग्रैंड स्केल विजुअल एक्सपीरियंस देने का वादा कर गई, जिसे देख हर कोई साउथ सिनेमा की तरफ आकर्षक हो गया. राजामौली ने अपनी एक पिक्चर से साउथ इंडस्ट्री की किस्मत पलटी.
साउथ ने बॉलीवुड को पछाड़ा था
बाहुबली के बाद साउथ से केजीएफ, सलार, पुष्पा, जेलर, RRR, कल्कि, कांतारा, लोकाह जैसी बढ़िया फिल्में आईं जिनका कंटेंट शानदार था. इन फिल्मों की कमाई नॉर्थ में भी धांसू हुई. साउथ सिनेमा से इतनी तगड़ी फिल्में आने के बाद, बॉलीवुड भी बैकफुट पर आया. लोगों ने हिंदी फिल्मों से रुख मोड़कर साउथ की तरफ किया. काफी समय तक साउथ सिनेमा ने लोगों को निराश नहीं किया, जिसके बाद उनसे अच्छी फिल्मों की उम्मीदें और बढ़ने लगीं.
हालांकि अब जिस लेवल की फिल्में वहां से आ रही हैं, और जितने बजट के साथ बन रही है उससे कई सवाल उठ रहे हैं. साल 2026 देखा जाए तो साउथ सिनेमा के लिए उतना खास नहीं रहा. जितनी भी बड़ी बजट की फिल्में अभी तक रिलीज हुई हैं, वो सब फ्लॉप या एवरेज साबित हुई. जून में राम चरण की पेद्दी ने लोगों को निराश किया. सीएम थलपति विजय की जन नायगन ठीक-ठाक रिस्पॉन्स के बाद थिएटर में उतनी नहीं चली. यश की टॉक्सिक ने तो सारी उम्मीदों पर पानी फेरा. अब नानी की फिल्म 'द पैराडाइज' ने भी कुछ वैसा हाल किया.
द पैराडाइज के बाद नहीं बची उम्मीद!
'द पैराडाइज' की कहानी को जिस तरह से दिखाया गया, वो सचमुच शॉकिंग था. इस फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं. नानी को जैसे प्रेजेंट किया जा रहा था, और अनिरुद्ध के म्यूजिक से जो समा बांधने की कोशिश हुई वो रिलीज के बाद पूरी तरह टूट गई. डायरेक्टर श्रीकांथ ओडेला के 'सिनेमा' में मजेदार मोमेंट्स नहीं थे. ये फिल्म वही टिपिकल साउथ मसाला जैसी फिल्म है, लेकिन कमजोर कहानी ने उसका भी दम निकाल दिया.
हैरानी की बात ये है कि साउथ सिनेमा से आईं लगातार दो फिल्मों- टॉक्सिक और द पैराडाइज ने इतनी निराशा दी है. जबकि इसके ठीक सामने बॉलीवुड अच्छा कंटेंट दे रहा है. हाल ही में आईं कुछ हिट फिल्में- हनुमान अंश, आवारापन 2 इस बात का गवाह बनीं. अगले हफ्ते अजय देवगन भी दृश्यम 3 ला रहे हैं, जो एक हिट फ्रैंचायजी है और ट्रेलर ने एक अच्छे सस्पेंस-थ्रिलर का वादा भी कर दिया है. साउथ के मुकाबले ये साल हिंदी सिनेमा के ही नाम रहा है. धुरंधर, हनुमान अंश ने कमाई के रिकॉर्ड तोड़े हैं.
क्या राजामौली ही हैं आखिरी भरोसा?
साउथ सिनेमा को हाल ही में इतना कमजोर देखकर अब उम्मीद सिर्फ एस.एस. राजामौली से ही बची है. उनकी आने वाली फिल्म वाराणसी दुनिया और भारत में सबसे ज्यादा हाइप बनाने वाली फिल्म में से एक है. इसका बजट 1000 करोड़ से ज्यादा है, जो इसे भारत की दूसरी सबसे महंगी फिल्म बनाती है. फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा, पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े नाम हैं.
राजामौली की हर फिल्म अभी तक बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट या उससे ज्यादा रही है. ऐसे में वाराणसी पर सबकी निगाहें हैं. हालांकि अभी साउथ सिनेमा के 'थलाइवा' रजनीकांत भी आने बाकी हैं. उनकी फिल्म जेलर 2 अक्टूबर 15 को रिलीज होने वाली है जिसकी कास्ट काफी बड़ी है. अब देखना है कि क्या साउथ सिनेमा इस साल एक बड़ी फिल्म डिलीवर कर पाता है या नहीं.
पर्व जैन