सनी देओल अगले महीने अपनी नई फिल्म सूर्या: अंत से आरंभ तक लेकर आने वाले हैं, जिसका कुछ समय पहले टीजर आया था. इसमें सनी एक ऐसे पिता के रोल में नजर आए, जो अपनी बेटी की मौत से आहत है. वो मेडिकल इंडस्ट्री में हो रही धांधली से परेशान है. फिल्म में डॉक्टरों को काफी गलत छवि में दिखाया गया, जिससे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बेहद नाराज हुआ है.
सनी की फिल्म पर आपत्ति, क्या बोला CBFC?
IMA ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिट्ठी लिखकर फिल्म के कंटेंट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही, जरूरत पड़ने पर फिल्म को बैन करने की भी मांग की गई है. अब IMA की आपत्ति के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने साफ किया है कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए जमा ही नहीं किया गया है. उन्होंने अभी फिल्म को देखा नहीं है और ना ही इसे रिलीज करने के लिए कोई सर्टिफिकेट दिया है.
IMA को फिल्म से क्या परेशानी है?
IMA का कहना है कि फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट को देखकर ऐसा लगता है कि मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार और गलत काम बड़े पैमाने पर होते हैं. उनको इस बात पर आपत्ति है कि कुछ लोगों की गलतियों के लिए पूरे मेडिकल प्रोफेशन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.अगर कोई डॉक्टर गलत काम करता है या इलाज के दौरान लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.
लेकिन कुछ डॉक्टरों की गलतियों की वजह से उन तमाम डॉक्टरों की छवि खराब नहीं होनी चाहिए, जो ईमानदारी से मरीजों का इलाज करते हैं और लोगों की जान बचाने के लिए काम करते हैं. IMA ने ये भी कहा कि मेडिकल प्रोफेशन में गलत कामों का समर्थन नहीं किया जाता, लेकिन किसी एक मामले के आधार पर पूरे पेशे को गलत दिखाना ठीक नहीं है.
उनकी सबसे बड़ी आपत्ति फिल्म के उस कंटेंट को लेकर है, जिसमें डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के दूसरे कर्मचारियों पर सनी देओल द्वारा शारीरिक हमला करते हुए दिखाया गया है. एसोसिएशन का कहना है कि अगर इस तरह की हिंसा को बहादुरी या सही कदम के तौर पर दिखाया जाता है, तो इससे दर्शकों के बीच गलत संदेश जा सकता है.
IMA ने सरकार से क्या मांग की?
एसोसिएशन के मुताबिक, देशभर में डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों को पहले से ही अस्पतालों में सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अगर फिल्मों में उन पर हमले को जायज ठहराया जाता है, तो इससे मेडिकल कर्मचारियों के खिलाफ लोगों की नफरत और हिंसा बढ़ सकती है. IMA का मानना है कि लोगों की जान बचाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जाना चाहिए.
IMA ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिट्ठी लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. सबसे पहले फिल्म की निष्पक्ष जांच हो. एसोसिएशन चाहता है कि फिल्म में मेडिकल प्रोफेशन को जिस तरह दिखाया गया है, उसकी स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जाए. फिर फिल्म में जरूरी बदलाव किए जाएं.
डॉक्टरों के बारे में सामान्यीकरण करने और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाने वाले कंटेंट पर सुधार करने की मांग की है. आखिर में जरूरत पड़ने पर फिल्म बैन हो.अगर फिल्म का कंटेंट कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो सरकार फिल्म पर बैन लगाने या दूसरी उचित कार्रवाई करने पर विचार करें. हालांकि, फिल्म पर बैन लगाने का कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है.
फिल्म में सनी देओल के अलावा रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा, टीनू आनंद, विर्ति वाघानी, जिषु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी भी नजर आएंगे. ये 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क