बॉलीवुड में एक बार फिर बयानबाजी का पारा चढ़ गया है. बीआर चोपड़ा की महाभारत फेम एक्टर पुनीत इस्सर ने दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए उनकी कथित 'चुनिंदा आलोचना' पर सवाल उठाए हैं. पुनीत का कहना है कि अगर किसी को अपनी बात रखनी है, तो उसे हर मुद्दे पर बोलना चाहिए, न कि सिर्फ अपनी विचारधारा से जुड़े मामलों पर ही आवाज उठानी चाहिए.
'हर मुद्दे पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं?'
पुनीत इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह को घेरते हुए सवाल किया कि दुनिया और भारत से जुड़े इतने सारे मुद्दे हैं, लेकिन उन पर कितनी बार खुलकर बात की जाती है? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग एकतरफा, वामपंथी और नक्सल समर्थक विचारधारा के नजरिए से ही हर मामले को देखते हैं और उसी हिसाब से अपनी प्रतिक्रिया देते हैं.
पुनीत ने जेएनयू और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का जिक्र करते हुए भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उनका आरोप है कि देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और जेल में बंद आतंकियों की रिहाई के पक्ष में आवाज उठाने वाले लोगों के रुख पर भी सवाल किए जाने चाहिए.
'सरकार पसंद नहीं तो चुनाव लड़कर दिखाइए'
पुनीत इस्सर ने आगे कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है. लोकतंत्र में किसी भी सरकार से असहमति जताना गलत नहीं है. हालांकि, अगर किसी को मौजूदा सरकार की नीतियां पसंद नहीं हैं, तो वह राजनीति में उतरकर चुनाव लड़ सकता है और जनता का समर्थन हासिल कर सकता है.
उन्होंने कहा कि सरकार किसी मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है, बल्कि देश की जनता ने उसे चुना है. ऐसे में सरकार के फैसलों की आलोचना करने वालों को जनता के जनादेश का भी सम्मान करना चाहिए.
नसीरुद्दीन शाह पर बयान से फिर गरमाई बहस
पुनीत इस्सर के इस बयान ने राजनीतिक विचारधारा, अभिव्यक्ति की आजादी और सरकार की आलोचना जैसे मुद्दों पर बहस को हवा दे दी है. एक तरफ लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछने के अधिकार को अहम माना जाता है, तो दूसरी तरफ सार्वजनिक हस्तियों के बयानों में निष्पक्षता और सभी मुद्दों पर समान रुख रखने की मांग भी उठती रही है.
फिलहाल, पुनीत इस्सर की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा चर्चा में है. अब देखना होगा कि नसीरुद्दीन शाह इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क