'मैं दिमागी नक्सल हूं', एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने VIDEO शेयर कर कसा तंज

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने फेसबुक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. जानिए उन्होंने क्या कहा?

Advertisement
नसीरुद्दीन शाह का हमला (Photo: ITG) नसीरुद्दीन शाह का हमला (Photo: ITG)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:04 AM IST

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच जाने-माने एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने एक फेसबुक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है और खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया है. 

उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे सरकार की नीतियों और शिक्षण संस्थानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं.

Advertisement

खुद को बताया 'दिमागी नक्सल'
अपने सोशल मीडिया पेज फेसबुक पर एक्टर ने वीडियो जारी कर कहा, 'मैं फक्र के साथ कहता हूं.. मैं दिमागी नक्सल हूं. दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या. टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर कोई है इस मुल्क में, तो वो यह नाजायज हुकूमत है.'

एक्टर ने आगे कहा, 'और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं... और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्था को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने जो अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?'

बीजेपी आईटी सेल पर साधा निशाना
नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, फिर सत्यजित रे फिल्म इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिल्लिया... में जो छात्रों पर जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा, सब याद रखा जाएगा. कर लो जितना हो सके तुमसे, और तुम्हारी वो जाहिल, नाकारा लोग जो बीजेपी आईटी सेल के मुलाजिम हैं, कितना करोगे तुम?'

Advertisement

अंत में उन्होंने कहा, 'करते रहो, पूरी ताकत लगा लो अपनी. ना हमारे मुल्क के नौजवानों का हौसला टूटने वाला है, ना हमारी शिक्षा संस्था बर्बाद होने वाली है और ना हमारा लोकतंत्र खतरे में पड़ने वाला है. जो करना है करके देख लो, देख लेंगे कितना जोर है बाजू-ए-कातिल में है.'

आखिर क्या है मामला?
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में यह पूरा विवाद छात्र संघ चुनाव बहाल करने, भूख हड़ताल और प्रशासन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन से जुड़ा है.छात्र संगठन (जैसे SFI, NSUI और AISA) और प्रदर्शनकारी छात्र लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, चीफ प्रॉक्टर को हटाने और छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »