'जहां तीन खान सुपरस्टार वहां...', AR रहमान के सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर बोले मनोज मुंतशिर

गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान की हालिया सांप्रदायिक टिप्पणियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, और फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव के रहमान के दावों को खारिज किया.

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एआर रहमान पर बोले मनोज मुंतशिर (Photo: ITG) एआर रहमान पर बोले मनोज मुंतशिर (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

हाल ही में दिग्गज संगीतकार एआर रहमान ने इंडस्ट्री के माहौल और पिछले कुछ सालों में आए बदलावों को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. अब मनोज मुंतशिर ने इस पर कड़ा पलटवार करते हुए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 'सांप्रदायिक भेदभाव' के दावों को खारिज कर दिया है. 

मनोज मुंतशिर का कहना है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा कलाकार की पहचान उसके काम से होती है, न कि उसके धर्म से. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह रहमान के दावों से पूरी तरह असहमत हैं और उन्होंने इंडस्ट्री के बड़े नामों का उदाहरण देते हुए अपनी बात को रखा.

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एआर रहमान पर साधा निशाना
न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा, 'ये कहना गलत है कि बॉलीवुड में किसी खास आधार पर भेदभाव होता है. भारत के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान का नाम शामिल है, जिन्हें पूरे देश का प्यार मिलता है. लेखकों और कवियों में जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे दिग्गज हैं. इसके साथ ही मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तो भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की थी. यह आंकड़े खुद गवाही देते हैं कि यहां टैलेंट ही सबसे ऊपर है.'

मनोज मुंतशिर ने अपनी बात को साबित करने के लिए एक खुली चुनौती भी दी. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी हिंदी फिल्म के शुरुआती या आखिरी क्रेडिट्स को उठाकर देख ले. वहां काम करने वाले करीब 250 लोगों की लिस्ट में आपको हर धर्म और समुदाय के नाम मिलेंगे. इस इकोसिस्टम में हर किसी को बराबर का मौका और सम्मान मिलता है.

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एआर रहमान का सम्मान लेकिन...
एआर रहमान का सम्मान करते हुए मनोज ने कहा कि हमें गर्व है कि रहमान साहब हमारे देश के हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी हर बात से सहमत हुआ जाए. मनोज ने विशेष रूप से उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें पिछले आठ सालों के समय को रेखांकित किया गया था. उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि केवल पिछले आठ सालों की अवधि को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? इसी दौरान 'पठान' और 'जवान' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, जो साबित करता है कि जनता सिर्फ अच्छे काम को प्यार देती है.'

एआर रहमान ने क्या कहा था?
दरअसल बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा, 'पिछले 8 सालों में शायद सत्ता का बदलाव हुआ है और जो रचनात्मक नहीं हैं. वे फैसले ले रहे हैं. शायद साम्प्रदायिक बात भी रही हो लेकिन मेरे सामने किसी ने नहीं कहा. हां, कुछ विहस्पर सुनाई देती हैं. जैसे आपको बुक किया था लेकिन दूसरी म्यूजिक कंपनी ने फिल्म फंड की और अपने संगीतकार ले आए. मैं कहता हूं ठीक है. मैं आराम करूंगा.'

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