जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के तय विरोध प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में भारी पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा तैनाती की गई, जिसकी फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने आलोचना की है. CJP ने चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बुलाया था. वे संशोधित वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
CJP के प्रमुख नेताओं - अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ हिरासत में ले लिया गया, जो सेंट्रल दिल्ली में इकट्ठा होने की कोशिश कर रहे थे.
प्रकाश राज ने की आलोचना की
एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने अपने X अकाउंट पर सतीश आचार्य का बनाया एक कार्टून शेयर किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'आप नागरिकों के विरोध से कब तक बचेंगे? #justasking" उन्होंने हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर एक वीडियो भी बनाया और X पर शेयर किया. इसमें उन्होंने फ्लाइट से अभिजीत, सौरव और आशुतोष को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए. 'यह क्या हंगामा है? युवाओं को फ्लाइट और घरों से हिरासत में लेना? उन्हें विरोध स्थल तक भी नहीं पहुंचने देना? आपने हमारी आवाज को गिरफ्तार नहीं किया है! आपने खुद को गिरफ्तार किया है. यह देश आपको लोकतंत्र को खत्म नहीं करने देगा, यह एक लंबी लड़ाई है और हम सवाल पूछते रहेंगे... गेम ऑन! देश देख रहा है.'
एक दिन पहले, एक्टर ने अपने X अकाउंट पर ट्रेन रद्द होने और भारी पुलिस तैनाती की खबरों पर एक वीडियो शेयर किया था. उन्होंने अपनी हिट फिल्म 'सिंघम' का एक डायलॉग याद किया, जिसमें उन्होंने विलेन जयकांत शिकरे का रोल किया था, और जनता को संबोधित करते हुए एक वीडियो बनाया.
अनुराग कश्यप ने प्रदर्शनकारियों की तारीफ की
वहीं, डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, 'दो डरपोक, 40,000 गुलाम, लाखों बहादुर.'
एक अलग पोस्ट में, अनुराग ने इंस्टाग्राम यूज़र्स से 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की प्रेसिडेंट नेहा बोरा को लाइव फॉलो करने की अपील भी की. नेहा ने सैकड़ों लोगों के साथ दिल्ली हाट में विरोध प्रदर्शन शुरू किया, लेकिन बाद में उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया.
बॉलीवुड से अन्य प्रतिक्रियाएं
एडिटर और फिल्ममेकर अपूर्वा असरानी ने 10 अक्टूबर को अभिजीत दिपके, रत्ना सिंह और ध्रुव राठी की हिरासत पर ध्यान दिलाते हुए लिखा, 'मुझे बताओ कि यह तानाशाही नहीं है.' उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'लोकतंत्र का अंत.'
सिंगर विशाल ददलानी ने भी इस कार्रवाई पर गुस्सा जाहिर किया और इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. उन्होंने कहा, 'इस समय पूरी दुनिया देख रही है कि सिस्टम एक व्यक्ति को बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है. वे अपने ही लोगों और इस देश में उनके विरोध करने के अधिकार के खिलाफ जा रहे हैं. कार्रवाई के लिए 23 बटालियन बुलाई गई हैं. पूरा शहर ठप पड़ा है, ट्रेनें और मेट्रो रद्द कर दी गई हैं. सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने के लिए! तो खुद सोचिए कि इस व्यक्ति ने इस सिस्टम के लिए क्या किया होगा और उसे बचाने के लिए सिस्टम को कैसे तोड़ा-मरोड़ा गया है.'
फिल्ममेकर फराह खान के पति शिरीष कुंदर ने ट्वीट किया, 'अगर आपको अपने ही लोगों से खुद को बचाने के लिए ताकत का इस्तेमाल करना पड़े, तो आप कब तक टिक पाएंगे?'
उन्होंने एक दूसरे पोस्ट में कहा, 'जब बच्चे भी आपका मजाक उड़ाने लगें, तो यह समझने का समय आ गया है कि अब आपसे कोई नहीं डरता.'
फिल्ममेकर विक्रमादित्य मोटवाने ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत की निंदा करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर कई पोस्ट शेयर किए. एक्टर मोहम्मद जीशान अय्यूब ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपने X अकाउंट पर जर्मन थिएटर आर्टिस्ट और नाटककार बर्टोल्ट ब्रेख्त की कविता का हिंदी अनुवाद शेयर किया.
कॉमेडियन वीर दास ने भी हिरासत की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी. X पर एक पोस्ट में, उन्होंने 'स्ट्राइसैंड इफेक्ट' (Streisand Effect) के अर्थ का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसका मतलब था कि सरकार की प्रतिक्रिया ने विरोध प्रदर्शनों को और अधिक प्रचार दिया है.
हिरासत का सिलसिला जारी, भारी सुरक्षा बल तैनात
विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए नई दिल्ली में 40,000 से अधिक दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है, जिससे राजधानी एक भारी हथियारों से लैस किले में बदल गई है. अब तक कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, CJP के सदस्यों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनमें रत्ना सिंह, एमए बेबी, पिनाराई विजयन और जॉन ब्रिटास जैसे नाम शामिल हैं.
प्रदर्शन के लिए तय जगह, जंतर-मंतर को दिल्ली पुलिस ने पहले ही सील कर दिया था. वहां जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं. तीन मुख्य एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे लाउडस्पीकर से हिंदी और अंग्रेजी में चेतावनी दी जा रही है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत भीड़ जमा करने, जुलूस निकालने, सड़क जाम करने और दूसरी प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क