बॉलीवुड में इन दिनों भक्ति और संतों की कहानियों का नया दौर शुरू होता नजर आ रहा है. वजह है फिल्म ‘हनुमान अंश’ की जबरदस्त सफलता. नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित इस फिल्म ने 2 करोड़ रुपये से कम बजट में दुनियाभर में 450 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की कमाई कर ली है. 7 अगस्त को रिलीज हुई इस फिल्म की सफलता ने फिल्ममेकर्स को ऐसा हौसला दिया कि अब संत-महात्माओं की जिंदगी बड़े पर्दे पर दिखाने की तैयारी तेज हो गई है.
तुलसीदास पर बनेंगी दो फिल्में, बॉक्स ऑफिस पर होगा मुकाबला?
‘हनुमान अंश’ के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने अब गोस्वामी तुलसीदास की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘रामबोला’ का ऐलान किया है. दिलचस्प बात यह है कि फिल्ममेकर चंद्रप्रकाश द्विवेदी भी इसी नाम से तुलसीदास पर फिल्म बनाने की घोषणा कर चुके हैं. ऐसे में एक ही संत की कहानी पर दो फिल्मों का आना दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा सकता है.
संत रविदास और मीराबाई की कहानी भी आएगी सामने
फिल्ममेकर अभिषेक सिंह संत रविदास पर आधारित ‘रैदास एक विचार’ बना रहे हैं. इस फिल्म में मीराबाई से जुड़ा एक बड़ा हिस्सा भी देखने को मिलेगा. निर्देशक के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग मई 2027 में शुरू करने की योजना है. आने वाले समय में दर्शकों को भक्ति, इतिहास और संतों के जीवन से जुड़ी कई कहानियां देखने को मिल सकती हैं.
स्वामी हरिदास की कहानी भी बड़े पर्दे पर
‘द ताज स्टोरी’ के निर्देशक तुषार अमरीश गोयल अब स्वामी हरिदास के जीवन पर फिल्म बनाने की तैयारी में हैं. स्वामी हरिदास का संबंध वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से माना जाता है. फिल्ममेकर के मुताबिक, इसकी शूटिंग 2027 की शुरुआत में वृंदावन में शुरू हो सकती है. ‘हनुमान अंश’ की कामयाबी ने उन्हें भी ऐसी कहानी पर आगे बढ़ने का भरोसा दिया है.
संजय मिश्रा बनेंगे साईं बाबा
पलाश मुच्छल की फिल्म ‘तेरा साईं’ भी चर्चा में है, जिसमें संजय मिश्रा साईं बाबा की भूमिका निभा रहे हैं. फिल्म में सयाजी शिंदे, मनोज जोशी, अविका गोर और रोहन मेहरा समेत कई कलाकार नजर आएंगे. हिंदी, मराठी, तेलुगु और तमिल में बन रही इस फिल्म की रिलीज फरवरी 2027 के लिए तय बताई गई है.
संत तुकाराम की फिल्म भी दोबारा होगी रिलीज
निर्देशक आदित्य ओम अपनी 2025 की फिल्म ‘संत तुकाराम’ को फरवरी में दोबारा सिनेमाघरों में लाने की योजना बना रहे हैं. फिल्म में सुबोध भावे ने मुख्य भूमिका निभाई थी. निर्देशक के मुताबिक, कानूनी अड़चनों के कारण फिल्म की थिएटर रिलीज प्रभावित हुई थी और अब वह इसे दोबारा दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं.
क्या भक्ति वाली फिल्मों का नया फॉर्मूला चल निकला है?
‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री को यह जरूर दिखाया है कि संतों और आध्यात्मिक हस्तियों की कहानियों में दर्शकों की दिलचस्पी हो सकती है. लेकिन ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा का कहना है कि सिर्फ किसी जॉनर की सफलता देखकर उसी तरह की फिल्में बनाने से हर फिल्म हिट नहीं हो जाती. आखिरकार कहानी और दर्शकों से उसका जुड़ाव ही सबसे अहम है. अब देखना होगा कि आने वाली ये फिल्में ‘हनुमान अंश’ जैसा कमाल दोहरा पाती हैं या नहीं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क