'नीम करोली बाबा' की पत्नी बनने को जिद पर अड़ी 'रामबेटी', हनुमान अंश का रूप देख कांपी... नहीं रुके आंसू

‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने पूर्णिमा तिवारी की कास्टिंग का किस्सा बताया है. पहले उन्हें पार्वती माई का रोल मिला था, लेकिन उन्होंने रामबेटी बनने की जिद की.

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हनुमान अंश को देख रो पड़ी थीं पूर्णिमा तिवारी (Photo: Screengrabs) हनुमान अंश को देख रो पड़ी थीं पूर्णिमा तिवारी (Photo: Screengrabs)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:57 AM IST

‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है और फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खूब चर्चा है. फिल्म की कहानी और किरदारों के साथ-साथ इसकी कास्टिंग भी लोगों का ध्यान खींच रही है. अब फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हीरोइन पूर्णिमा तिवारी की कास्टिंग को लेकर ऐसा किस्सा सुनाया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

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अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म में रामबेटी का किरदार निभाने वाली पूर्णिमा तिवारी को पहले पार्वती माई का रोल ऑफर किया गया था. इतना ही नहीं, उन्हें बताया गया था कि पार्वती माई का किरदार करीब 8 दिन का शूट होगा और स्क्रीन पर भी यह ज्यादा लंबा रोल होगा. लेकिन पूर्णिमा ने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद साफ कह दिया कि वह सिर्फ रामबेटी का किरदार ही निभाएंगी.

‘मुझे रामबेटी ही करनी है…’

अनुप्रिया के मुताबिक पूर्णिमा तिवारी इस किरदार को लेकर इतनी जिद पर अड़ गई थीं कि उन्होंने दूसरा रोल करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि किरदार छोटा है तो भी चलेगा, लेकिन वह रामबेटी ही बनेंगी.

अनुप्रिया ने इसी किस्से को फिल्म के एक गाने से भी जोड़ दिया. उन्होंने बताया कि फिल्म में ‘जब जिद पर आई पार्वती’ गाना है और उसके असली लिरिक्स को उन्होंने पूर्णिमा की इसी जिद से जोड़कर देखा था. यानी जिस तरह पूर्णिमा अपने मनपसंद किरदार के लिए अड़ गई थीं, उसी जिद ने इस गाने को भी एक अलग मतलब दे दिया.

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महाराज जी को देखते ही कांप उठी थीं पूर्णिमा

लेकिन असली कहानी तो उस सीन की है, जिसमें पूर्णिमा तिवारी के सामने महाराज जी का किरदार निभाने वाले शोभिनव सत्या थे. अनुप्रिया ने बताया कि इस सीन में पूर्णिमा के डायलॉग बेहद कम थे. इसके बावजूद उन्होंने ऐसा परफॉर्म किया कि पूरा सीन उन्हीं का हो गया.

अनुप्रिया के मुताबिक, पूर्णिमा ने उस सीन में सिर्फ एक्टिंग नहीं की, बल्कि अपने हाव-भाव और इमोशन से सबको बांध लिया. उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे एक्ट्रेस ने पूरा सीन ही अपने नाम कर लिया हो. सीन के बाद जब अनुप्रिया ने पूर्णिमा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत शानदार काम किया, तो एक्ट्रेस का जवाब और भी चौंकाने वाला था.

पूर्णिमा ने कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया था, बल्कि वह सच में कांप रही थीं और रो रही थीं. उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि महाराज जी सच में उनके सामने बैठे हैं. वह इतनी भावुक हो गई थीं कि उन्हें खुद नहीं पता चला कि उस वक्त वह क्या कर रही हैं.

यही वजह है कि फिल्म के उस सीन में पूर्णिमा की परफॉर्मेंस इतनी नेचुरल नजर आई. एक छोटे से किरदार के लिए की गई उनकी जिद आखिरकार पर्दे पर रंग लाई और रामबेटी के रूप में उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ दी.

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अब जब ‘हनुमान अंश’ 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर चुकी है, तो पूर्णिमा तिवारी की इस कास्टिंग कहानी ने भी फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है.

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