आसमान में गूंजा 'हनुमान अंश' का भजन, सुनील लोधी के सुरों में डूबी पूरी फ्लाइट

इस समय पूरे देश में जिस फिल्म की चर्चा हो रही है, उसका नाम हनुमान अंश है. फिल्म से जुड़ा हर कलाकार फेमस हो गया है. अब सिंगर सुनील लोधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है.

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आसमान में गूंजा हनुमान अंश का गाना (Photo: x/@ag_arpit1) आसमान में गूंजा हनुमान अंश का गाना (Photo: x/@ag_arpit1)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

शुरुआती दौर में धीमी रफ्तार पकड़ने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanu-Man) ने ऐसा ही कारनामा करके दिखाया है और देखते ही देखते ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बन चुकी है. फिल्म की लोकप्रियता के साथ-साथ इससे जुड़े कलाकार भी रातों-रात मशहूर हो रहे हैं. ऐसा ही नजारा हाल ही में एक फ्लाइट के भीतर देखने को मिला, जब यात्रियों ने फिल्म के लोकप्रिय भक्ति गीत "मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान" के गायक सुनील लोधी को पहचान लिया.

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लोगों के आग्रह पर जब उन्होंने गाना शुरू किया, तो पूरी फ्लाइट का माहौल आध्यात्मिक भक्ति से सराबोर हो गया और यात्री भावुक हो उठे.

फ्लाइट बनी भक्ति का केंद्र 
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक गायक सुनील लोधी भोपाल से मुंबई की फ्लाइट में थे. जैसे ही प्लेन में मौजूद यात्रियों को इस बात का अहसास हुआ कि उनके बीच हनुमान अंश के फेमस भजन गायक बैठे हैं, वहां लोगों का जमावड़ा लग गया. हर कोई उनसे उनका हिट गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' सुनने की जिद करने लगा.

सुनील ने भी किसी को निराश नहीं किया और गाना शुरू कर दिया. उनके गाते ही फ्लाइट का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया; सभी यात्री तालियां बजाते हुए उनके साथ गाने लगे. इस दिव्य माहौल के बीच लोग इतने भावविभोर हो गए कि कुछ लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े. वहां मौजूद हर शख्स इस पल को अपने फोन में कैद करने में जुटा था.

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कौन हैं सुनील लोधी?
सुनील लोधी मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर जिले से आते हैं. वे जैसीनगर ब्लॉक के 'अगरा' नामक एक बेहद छोटे से गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता के पास महज एक एकड़ जमीन है और चार भाई-बहनों में सुनील सबसे बड़े हैं. जन्म से दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) होने के कारण वे औपचारिक स्कूली शिक्षा हासिल नहीं कर सके, इसलिए उन्होंने संगीत को ही अपना सबसे सच्चा साथी और सहारा बना लिया.

तांबूरे की तान से मिला राष्ट्रीय स्तर का मुकाम
मात्र 10 या 11 साल की छोटी सी उम्र में सुनील ने गांव के बुजुर्गों के बीच बैठकर तांबूरा बजाना सीखा था. इसके बाद धीरे-धीरे वे स्थानीय कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में भजन प्रस्तुत करने लगे. उनकी इस लगन और सुरीली आवाज ने उन्हें आखिरकार बड़ा मंच दिलाया. फिल्म 'हनुमान अंश' के लिए गाए गए उनके भजन ने आज उन्हें शोहरत की उस बुलंदी पर पहुंचा दिया है, जहां हर तरफ उनके संगीत और सादगी की चर्चा हो रही है.

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