इमरान हाशमी की कल्ट क्लासिक फिल्म आवारापन के सीक्वल का जब ऐलान हुआ था, तो मार्केट में जबरदस्त माहौल बन गया था. हर तरफ बस इसी फिल्म की चर्चा थी. अब लगभग 19 साल बाद इमरान हाशमी 14 अगस्त को एक बार फिर इस सीक्वल के जरिए बड़े पर्दे पर लौटने की तैयारी में हैं. हालांकि, इस बार उनकी राह बिल्कुल भी आसान नजर नहीं आ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह है सनी देओल की आने वाली फिल्म बंटवारा 1947.
दोनों फिल्में स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड पर आमने-सामने होंगी, जिससे बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा क्लैश देखने को मिलेगा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इमरान हाशमी, सनी देओल जैसी बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म से टकराकर कोई बड़ा रिस्क तो नहीं ले रहे हैं?
राजकुमार संतोषी और सनी देओल की हिट जोड़ी
इस महा-मुकाबले ने फिल्मी फैंस का ध्यान बेहद खास वजह से खींचा है. बंटवारा 1947 में न केवल बड़े सितारे शामिल हैं, बल्कि इसका निर्देशन देश के सबसे बेहतरीन निर्देशकों में से एक, राजकुमार संतोषी ने किया है. अगर इतिहास और ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने अब तक साथ में तीन फिल्में (घायल, दामिनी और घातक) की हैं और तीनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई हैं. यही वजह है कि इस जोड़ी के नाम से ही दर्शकों को एक दमदार और ब्लॉकबस्टर फिल्म की उम्मीद बंध जाती है.
फीकी पड़ती 'आवारापन 2' की हाइप
दूसरी तरफ, इमरान हाशमी की आवारापन 2 की शुरुआत बेहद धमाकेदार हुई थी. फिल्म को लेकर दर्शकों के दिल में नॉस्टैल्जिया और जबरदस्त हाइप देखने को मिली थी. लेकिन समय के साथ, अपडेट्स की कमी और दर्शकों के बदलते रुझान के कारण इसका एक्साइटमेंट काफी कम होता चला गया. हालांकि इमरान के फैंस आज भी इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह फिल्म आम लोगों के कनेक्शन से थोड़ी दूर होती नजर आ रही है.
गानों का जादू भी रहा बेअसर
फिल्म के प्रचार के तहत अब तक आवारापन 2 के दो गाने रिलीज किए जा चुके हैं- पहला 'वे जुनून' और दूसरा इसका टाइटल ट्रैक 'ये आवारापन'. हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों ही गानों को ऑडियंस से बहुत ही मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है. आमतौर पर इमरान हाशमी की फिल्मों का म्यूजिक सुपरहिट होता है और अरिजीत सिंह की आवाज दिल छू लेती है, लेकिन इस बार अरिजीत सिंह का जादू भी लोगों पर उस तरह नहीं चल पाया. दर्शक इन गानों से पूरी तरह कनेक्ट नहीं कर पा रहे हैं.
इमरान हाशमी की पहचान हमेशा से उनकी फिल्मों के सुपरहिट और दिल को छू लेने वाले गानों से रही है. उन्हें अपने किसी गाने को चार्टबस्टर बनाने के लिए बाकी एक्टर्स की तरह डांस करने की जरूरत भी नहीं पड़ती, पर्दे पर सिर्फ उनकी चाल ही काफी होती है. मगर इस बार मामला थोड़ा अलग दिख रहा है. जो म्यूजिक इमरान की फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था, वही कमी इस बार साफ छलक रही है.
2007 वाली 'आवारापन' का जादू
दिलचस्प बात यह है कि आवारापन 2 की चर्चा आज भी 2007 में आई आवारापन के गानों की वजह से ही हो रही है. इससे समझा जा सकता है कि सीक्वल खुद अपनी नई पहचान बनाने में थोड़ा जूझ रहा है. हालांकि, 2007 में जब आवारापन रिलीज हुई थी, तब यह बॉक्स ऑफिस पर कोई बहुत बड़ी कमर्शियल हिट नहीं रही थी. इसके बावजूद, समय के साथ इस फिल्म ने अपना एक बहुत ही खास और पक्का फैन बेस तैयार किया. इसके गाने हर जगह सुने गए और आज इसे इमरान के करियर की सबसे पसंदीदा फिल्मों में गिना जाता है.
बॉक्स ऑफिस पर कौन मारेगा बाजी?
कुल मिलाकर दोनों बड़ी फिल्में स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर सिनेमाघरों में उतर रही हैं. ट्रेड एक्सपर्ट्स की नजरें पूरी तरह से इस बात पर टिकी हैं कि दर्शक किसे ज्यादा प्यार देते हैं. एक तरफ जहां बंटवारा 1947 देशभक्ति की भावना, विभाजन के दौर की संवेदनशील कहानी और राजकुमार संतोषी-सनी देओल की जोड़ी के दम पर दर्शकों को खींचने की कोशिश करेगी, वहीं आवारापन 2 पुराने नॉस्टैल्जिया और इमरान के आइकॉनिक किरदार के भरोसे दांव लगा रही है. अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस की बाजी किसके नाम होती है.
शिखर नेगी