'आधी मधुबाला, आधी नरगिस' थीं इमरान हाशमी की दादी, 16 की उम्र में मिला स्टारडम

इमरान हाशमी की नई फिल्म आवारापन 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म के साथ ही इमरान के परिवार का फिल्मी इतिहास भी चर्चा में है, खासकर उनकी दादी मेहर बानो, जो पूर्णिमा दास वर्मा के नाम से जानी जाती थीं.

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कौन थीं इमरान हाशमी की दादी (Photo: Social Media) कौन थीं इमरान हाशमी की दादी (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों का बेहतरीन रिसपॉन्स मिल रहा है. फिल्म रिलीज के बाद इमरान का परिवार भी चर्चा में आ गया है. इमरान हाशमी के परिवार का फिल्मों से पुराना कनेक्शन है. बहुत कम लोग जानते होंगे कि एक्टर की दादी खुद अपने जमाने की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. 40 के दशक में इमरान की दादी की खूबसूरती और एक्टिंग की खूब बातें होती थीं. यही नहीं, उनकी तुलना उस दौर की मशहूर अदाकारा मधुबाला और नरगिस से तक की जाती थी.

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कौन थीं इमरान हाशमी की दादी
जानकारी के मुताबिक, इमरान हाशमी की दादी का नाम मेहर बानो है.  मेहर बानो ने फिल्मों में पूर्णिमा दास वर्मा के नाम से पहचान बनाई. उन्होंने बेहद कम उम्र में फिल्मों की दुनिया में एंट्री ली और छा गईं. मेहर बानो, रहमान बी. देसाई की पड़ोसी थीं. वो स्कूल में थीं जब रहमान बी. देसाई ने उन्हें एक गुजराती फिल्म में काम करने का मौका दिलाया. फिल्म में उन्होंने राधा का किरदार निभा कर हर किसी का ध्यान खींचा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. यहीं से उनका फिल्मी सफर आगे बढ़ता चला गया.

मधुबाला और नरगिस से होती थी तुलना
पूर्णिमा अपने दौर की खूबसूरत हसीनाओं में गिनी जाती थीं. वो बला की खूबसूरत थीं. उनके चेहरे के भाव और स्क्रीन पर मौजूदगी पर लोग मर मिटते थे. या यूं कहें कि उनकी दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती थी. 40 और 50 के दशक में उन्हें आधी नरगिस और आधी मधुबाला तक कहा जाता था. पूर्णिमा ने पतंगा, जोगन, सगाई, जाल, औरत, मेरा गांव मेरा देश, जंजीर और नाम जैसी फिल्मों में काम किया. 1949 में रिलीज हुई फिल्म पतंगा ने उन्हें खास पहचान दिलाई.

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16 साल की उम्र में मिला स्टारडम
पड़ोसी ने पूर्णिमा दास वर्मा की खूबसूरती और टैलेंट को परखा. महज 16 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखकर वो हीरोइन बन गईं. उन्हें उस उम्र में स्टारडम मिली, जब लोग ढंग से इसका मतलब भी नहीं समझते पाते.

इमरान से खास रिश्ता
पूर्णिमा की निजी जिंदगी की बात करें, तो उन्होंने दो शादियां की थीं. उनकी पहली शादी सैयद शौकत हाशमी, जिनसे उन्हें एक बेटा अनवर हाशमी हुआ. उन्होंने 1954 में भगवान दास वर्मा से दूसरी शादी की. इमरान हाशमी रिश्ते में उनके पोते हैं और एक्ट्रेस को अपने पोते पर काफी नाज था. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें अपने पोते के एक्टर बनने की खुशी है. उन्होंने कहा था कि आज जब लोग उन्हें इमरान हाशमी की दादी के नाम से जानते हैं, तो उन्हें इस पर नाज फील होता है. 

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