दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. CBI के FIR दर्ज किए जाने के बाद इस केस से जुड़े पुराने नामों की भी चर्चा तेज हो गई है. इसी बीच एक्टर सूरज पंचोली ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है और अपने ऊपर लग रही बातों पर खुलकर सफाई दी है.
तंग आए सूरज पंचोली
सूरज ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पिछले कई सालों से दिशा सालियान की मौत के मामले में उनका नाम अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों के जरिए घसीटा जा रहा है. एक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि उनका दिशा या शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे से कभी कोई कनेक्शन नहीं रहा.
सूरज ने लिखा- मैंने इसे सार्वजनिक करने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि मुझे लगता है कि कुछ तथ्यों को साफ तौर पर लोगों के सामने रखना जरूरी है. इसके बाद उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर कहा- पिछले कुछ सालों से दिवंगत दिशा सालियान की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े विवाद में मेरा नाम अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और बयानों के जरिए घसीटा जाता रहा है.
एक्टर ने आगे बेहद साफ लहजे में कहा- मैं ये बात बहुत साफ और जोर देकर कहना चाहता हूं. मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी दिवंगत दिशा सालियान से मुलाकात नहीं की है, न सीधे तौर पर और न ही किसी दूसरे तरीके से. मैंने अपनी जिंदगी में आदित्य ठाकरे से भी कभी मुलाकात नहीं की है. सूरज ने कहा कि बार-बार उनका नाम इस मामले से जोड़ना उनके लिए “अनुचित और परेशान करने वाला” है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना किसी सबूत या प्रमाण के किसी के बारे में दावे न किए जाएं.
एक्टर ने बताया कि वह अब तक इसलिए चुप रहे क्योंकि वह अपने बारे में लिखी जाने वाली हर “रिपोर्ट या कहानी” का जवाब नहीं देना चाहते थे. लेकिन जब बार-बार उनका नाम इस मामले से जोड़कर सामने आने लगा, तो उन्हें लगा कि अब सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखना जरूरी है.
CBI और पुलिस कर चुकी है पूछताछ
सूरज पंचोली ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर CBI और पुलिस उनसे पहले ही पूछताछ कर चुकी है. उनके मुताबिक करीब चार-पांच साल पहले उनका बयान भी दर्ज किया गया था. उन्होंने साफ कहा- मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है.
सूरज ने आगे कहा कि अगर किसी जांच एजेंसी को उनसे दोबारा कोई जानकारी चाहिए या फिर से किसी तरह की जांच करनी है, तो वह पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
'हेडलाइन सबूत नहीं होती...'
अपने पोस्ट में सूरज ने फैलाए जा रहे- दुर्भावनापूर्ण प्रचार और झूठी कहानियों की भी जांच किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसी एक इंसान की मौत दूसरे व्यक्ति की प्रतिष्ठा बर्बाद करने की वजह नहीं बननी चाहिए, खासकर तब जब उसके खिलाफ कोई सबूत न हो. लोगों को संबोधित करते हुए सूरज ने बेहद दमदार अंदाज में कहा- एक हेडलाइन सबूत नहीं होती. किसी बहस का होना भी सबूत नहीं होता.
आखिर में सूरज पंचोली ने कहा कि उन्हें कानून और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि आखिरकार सच सामने आकर रहेगा. मालूम हो कि सूरज पंचोली जिया खान सुसाइड केस में भी फंस चुके हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क