दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को खराब करने की थी प्लानिंग, पन्नू की खालिस्तानी साजिश का पर्दाफाश

दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को खराब करने की साजिश से जुड़ा एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है. कुछ खालिस्तानी समर्थक मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखने के मामले में गिरफ्चार हुए हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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दिलजीत के कॉन्सर्ट में टली बड़ी मुसीबत (Photo: Jim Dyson) दिलजीत के कॉन्सर्ट में टली बड़ी मुसीबत (Photo: Jim Dyson)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 01 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

शुक्रवार को पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुआ, जहां लाखों की संख्या में फैंस पहुंचे. ये शो काफी बढ़िया तरीके से हुआ, लेकिन कहीं इसे खराब करने की साजिश भी रची जा रही थी जिसका अब पर्दाफाश हुआ है. दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

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गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, तीनों के संपर्क प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े लोगों से थे. उन्हें मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था. पुलिस अब इस पूरी साजिश के पीछे मौजूद लोगों और हैंडलर्स की तलाश कर रही है.

दिल्ली के दो मेट्रो स्टेशनों पर लिखे गए नारे

दिल्ली के जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखी गई थी. 29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर नारे लिखे मिले थे. वहीं, 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की दीवार पर भी इसी तरह की ग्रैफिटी मिली थी.

दोनों जगह अंग्रेजी में लिखा गया था- 'दिलजीत सिंह कौम द गद्दार खून दा बदला SFJ खालिस्तान'. इस नारे के जरिए SFJ और खालिस्तान विचारधारा का समर्थन किया गया था.

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स्पेशल सेल ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज को सौंपी गई थी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की. सबसे पहले सुमीत उर्फ रफ्तार को गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने पंजाब में कार्रवाई करते हुए सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस तरह हुई है.

  • सुमीत उर्फ रफ्तार (30), निवासी समालखा, पानीपत, हरियाणा.

  • सुमित कुमार उर्फ काका (22), निवासी डेरा बाबा नानक, गुरदासपुर, पंजाब.

  • गुरप्रीत (22), निवासी माहिलपुर, होशियारपुर, पंजाब.

SFJ से जुड़े सदस्य ने दिया था नारे लिखने का काम

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सुमित कुमार उर्फ काका इस पूरे मामले में मुख्य भूमिका निभा रहा था. उसका संपर्क लुधियाना और गुरदासपुर में खालिस्तान समर्थक विचारधारा से जुड़े लोगों से हुआ था. इसके बाद उसे एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. इसी ऐप के जरिए उसे आगे के निर्देश मिले.

पुलिस के मुताबिक, SFJ से जुड़े एक सदस्य ने उसे खालिस्तान समर्थक नारों के डिजाइन और टेम्पलेट भेजे थे. इसके बदले उसे मोटी रकम देने का लालच दिया गया था. सुमित ने इस काम में अपने दो परिचितों सुमीत उर्फ रफ्तार और गुरप्रीत को भी शामिल कर लिया. दोनों ने उसका साथ देने के लिए हामी भर दी.

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दिल्ली आकर अलग-अलग स्टेशनों पर लिखे नारे

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी 28 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मेट्रो स्टेशनों पर नारे लिखे. सुमीत उर्फ रफ्तार ने जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखी और इसका वीडियो बनाकर अपने हैंडलर्स को भेज दिया. वहीं, सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे. यह घटना 28 और 29 अक्टूबर की दरमियानी रात हुई थी.पुलिस का कहना है कि पूछताछ में तीनों ने दोनों मेट्रो स्टेशनों पर ग्रैफिटी लिखने की बात स्वीकार की है.

ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हुई थी मुलाकात

पुलिस जांच में पता चला कि सुमीत उर्फ रफ्तार पहले बिगो लाइव प्लेटफॉर्म पर फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम करता था. भारत सरकार ने 2019 में इस प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद वह टैंगो लाइव प्लेटफॉर्म से जुड़ गया. इसी प्लेटफॉर्म पर उसकी मुलाकात सुमित कुमार उर्फ काका से हुई थी. पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब एक सप्ताह पहले सुमीत लुधियाना गया था. इसके बाद तीनों टैक्सी से दिल्ली पहुंचे थे. सुमीत ने 12वीं तक पढ़ाई की है. उसने पंजाब के मोगा स्थित आईटीआई अजितवाल में दाखिला भी लिया था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं की.

नशे और असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहा सुमित

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पुलिस के मुताबिक, सुमित कुमार उर्फ काका पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है. उसने भी 12वीं तक पढ़ाई की है. पढ़ाई के बाद वह नशे के सेवन और असामाजिक गतिविधियों में शामिल हो गया था.

करीब चार साल पहले उसकी मुलाकात गुरप्रीत से हुई थी. उस समय गुरप्रीत हरियाणा के समालखा के एक होटल में काम करती थी. बाद में दोनों साथ रहने लगे. सुमीत उर्फ रफ्तार से उसकी मुलाकात एक साझा परिचित के जरिए हुई थी.

पुलिस के मुताबिक, हाल ही में सुमित को व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया गया था. उसे एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. इसी ऐप पर उसे दिल्ली में ग्रैफिटी लिखने के बदले पैसे देने की पेशकश की गई थी.

GTK बाईपास पर भी लिखे गए थे नारे

पूछताछ में पुलिस को ये भी पता चला कि सुमित कुमार उर्फ काका ने 30 अक्टूबर को समयपुर बादली थाना क्षेत्र में GTK बाईपास के पास भी खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखी थी. पुलिस इस मामले की भी अलग से जांच कर रही है.

गुरप्रीत को शॉपिंग के बहाने लाया गया था दिल्ली

पुलिस के मुताबिक, गुरप्रीत पंजाब के होशियारपुर जिले के माहिलपुर गांव की रहने वाली है. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. इसके बाद उसने जीरकपुर के एक सैलून में काम किया. वह पंजाब और हरियाणा के कई होटल और हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में भी काम कर चुकी है.

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करीब चार साल पहले उसकी मुलाकात सुमित उर्फ काका से एक साझा दोस्त के जरिए हुई थी. पुलिस का कहना है कि सुमित ने शुरुआत में गुरप्रीत को दिल्ली में शॉपिंग कराने के बहाने साथ चलने के लिए कहा था. लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद उसे मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखने की योजना के बारे में बताया गया. इसके बाद दोनों ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखी.

दो FIR दर्ज, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर अलग-अलग FIR दर्ज की हैं. आरोपियों के खिलाफ दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 की धारा 62(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

हैंडलर्स और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस साजिश के पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने में जुटी है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को ग्रैफिटी के डिजाइन किसने भेजे थे और उन्हें पैसे देने का लालच किसने दिया था. इसके अलावा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए दिए गए निर्देशों और आरोपियों के संपर्क में रहे दूसरे लोगों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और SFJ से जुड़े हैंडलर्स समेत पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है.

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