परिवार में कलेश-करियर में ढलान, बांके बिहारी की शरण में पहुंचे गोविंदा, मिलने पहुंचे फैन्स

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा ने सोमवार को वृंदावन पहुंचकर बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की. मंदिर में पहुंचते ही गोविंदा को फैंस ने भी घेर लिया. जिसका वीडियो भी सामने आया है.

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बांके बिहारी मंदिर में गोविंदा (Photo: X/@askshivanisahu) बांके बिहारी मंदिर में गोविंदा (Photo: X/@askshivanisahu)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर और हीरो नंबर 1 गोविंदा सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन पहुंचे. गोविंदा यहां पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नजर आए. उन्होंने न केवल विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में माथा टेका, बल्कि खबर है कि उन्होंने संत श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का आशीर्वाद भी लिया.

गोविंदा की इस आध्यात्मिक यात्रा ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा है, जहां उनकी सादगी और श्रद्धा की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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बांके बिहारी के चरणों में गोविंदा
वृंदावन पहुंचते ही गोविंदा सबसे पहले ठाकुर बांके बिहारी के मंदिर गए. मंदिर के पुजारियों ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ उनसे विशेष पूजा-अर्चना करवाई.  दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका वृंदावन के साथ बहुत पुराना और गहरा नाता है. 

प्रशंसकों का उमड़ा हुजूम
जैसे ही शहर में यह खबर फैली कि गोविंदा मंदिर में आए हैं, वहां अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच गोविंदा को देखने की जबरदस्त होड़ मच गई, जिससे सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि, गोविंदा ने भी किसी को निराश नहीं किया और मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया.

संत प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मंदिर में दर्शन करने के बाद गोविंदा सीधे 'राधा निवास' पहुंचे, जहां उन्होंने पूजनीय संत श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज से मुलाकात की. उन्होंने महाराज जी के साथ काफी देर तक आध्यात्मिक चर्चा की.

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वृंदावन आकर मिलता है असली सुकून
मीडिया से बात करते हुए गोविंदा ने कहा कि वृंदावन सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं है, बल्कि यह साक्षात प्रेम और भक्ति का स्वरूप है. यहां की मिट्टी में कदम रखते ही मन को जो शांति मिलती है, यहां आने के बाद इंसान ईश्वर की भक्ति में पूरी तरह लीन हो जाता है.

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