भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है. अक्षरा सिंह से माफी मांगने और जल्द साथ पर्दे पर आने के संकेत देने के बाद उनके पुराने रिश्तों की चर्चा तेज हो गई है.
19 अक्टूबर 2026 को बिहार के मुंगेर में एक कार्यक्रम के दौरान पवन सिंह ने अक्षरा सिंह और उनके माता-पिता से माफी मांगी. इतना ही नहीं, उन्होंने फैंस से पूछा कि क्या वे दोनों को फिर साथ देखना चाहते हैं और कहा कि उनकी जोड़ी जल्द नजर आएगी.
लेकिन पवन की इस हरकत ने उनकी पत्नी ज्योति सिंह को नाराज कर दिया है. गुस्सा जाहिर करते हुए ज्योति ने कहा था कि पवन थूक कर चाटने वाला काम कर रहे हैं. इससे पहले वह इंस्टाग्राम पर भी उन्हें 'वाह स्वाभिमानी राजपूत' कहके ताना मार चुकी हैं.
कुछ वक्त पहले जब ज्योति सिंह पवन से मिलने उनके लखनऊ वाले घर में गई थीं, उस दौरान उनका एक बयान चर्चा में आया था, जिसमें उन्होंने पवन सिंह के साथ 20 दिन अकेले साथ बिताने का मौका मांगा था. ज्योति ने कहा था कि पवन सिंह को 20 दिन के लिए मेरे साथ अकेला छोड़ दो. फिर देखना कैसे सब ठीक होता है.
ज्योति बता चुकी हैं कि पवन सिंह की संगत खराब है, वह उनके साथ खुशी खुशी रह लेते लेकिन उनके आसपास मौजूद लोग ऐसा होने नहीं दे रहे हैं. उन्होंने पावर स्टार की छवि खराब की हुई है. पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी. दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और ज्योति ने तलाक के साथ भरण-पोषण से जुड़ी कानूनी लड़ाई भी शुरू की थी.
पवन सिंह की पहली शादी नीलम सिंह से 2014 में हुई थी. मार्च 2015 में नीलम की मौत हो गई थी. इस दुखद घटना के बाद पवन की जिंदगी में एक बड़ा खालीपन आ गया था. बाद में उन्होंने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की.
पवन और ज्योति के रिश्ते में तनाव बढ़ने के दौरान अक्षरा ने ज्योति के प्रति समर्थन जताया था. उन्होंने भरण-पोषण को लेकर कहा था कि शादी के बाद महिला की आर्थिक सुरक्षा उसका अधिकार है. वहीं, अक्षरा पहले यह भी कह चुकी हैं कि वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं.
वहीं, पवन सिंह और अक्षरा सिंह भोजपुरी सिनेमा की चर्चित ऑनस्क्रीन जोड़ियों में शामिल रहे हैं. दोनों के रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चा हुई, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद सामने आए. 2019 में अक्षरा ने पवन पर गंभीर आरोप लगाए और इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की खबरें भी आईं. ये आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.