मैंने कभी नहीं कहा...', संपत्ति बांटने के आरोपों पर राहुल गांधी का यू-टर्न, जानें क्या कहा

राहुल गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की 90 फीसदी आबादी के साथ अन्याय हो रहा है. जैसे ही मैंने इनके साथ हो रहे अन्याय की बात उठाई, वैसे ही प्रधानमंत्री और बीजेपी ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया.

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राहुल गांधी राहुल गांधी

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 'वेल्थ सर्वे' टिप्पणी पर यू-टर्न लेते हुए कहा कि वो केवल ये जानना चाहते थे कि देश में कितना अन्याय हो रहा है. राहुल ने बुधवार को दिल्ली के जवाहर भवन में 'सामाजिक न्याय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने ये नहीं है कि हम ऐसा करेंगे. मैं ये कह रहा हूं कि आइए पता करते हैं कि कितना अन्याय हुआ है.

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राहुल गांधी ने कहा कि देखिए मैंने कहा था कि देखते हैं कि कितना अन्याय हुआ है और उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या प्रतिक्रिया दी. वो कह रहे हैं कि ये देश को तोड़ने की कोशिश है.

उन्होंने कहा कि जो भी लोग खुद को 'देशभक्त' कहते हैं, वो जातिगत जनगणना के 'एक्स-रे' से डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत जातिगत जनगणना को नहीं रोक सकती. 90 फीसदी आबादी के लिए न्याय सुनिश्चित करना उनके जीवन का मिशन है, जिनके साथ अन्याय हुआ है.

राहुल गांधी का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब बीजेपी एक तरह से कांग्रेस पर लोगों की संपत्ति अल्पसंख्यकों में बांट देने का आरोप लगा रही है. पीएम मोदी ने 21 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा की रैली में कहा था कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में वादा किया है कि लोगों की संपत्ति का हिसाब-किताब लिया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार आई तो वो लोगों की संपत्तियां लेकर ज्यादा बच्चों वालों और घुसपैठियों को बांट देगी.

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सरकार बनते ही करवाएं जाति जनगणनाः राहुल

राहुल गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की 90 फीसदी आबादी के साथ अन्याय हो रहा है. जैसे ही मैंने इनके साथ हो रहे अन्याय की बात उठाई, वैसे ही प्रधानमंत्री और बीजेपी ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया.

राहुल ने कहा कि जैसे ही हमारी सरकार बनेगी, सबसे पहले जातिगत जनगणना करवाई जाएगी. राहुल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर और नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान एक भी दलित या आदिवासी को नहीं देखा गया. 90 प्रतिशत आबादी इसे समझती है.

वेल्थ सर्वे की बात कहां से आई

बता दें कि पांच अप्रैल को कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि अगर कांग्रेस सरकार आई तो एक सर्वे कराया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है.

राहुल ने कहा था कि हिंदुस्तान में 50% आबादी पिछड़े वर्ग की है. 15% आबादी दलितों की है. 8% आबाद आदिवासियों की है. 15% आबादी माइनॉरिटी की है. और 5% आबादी गरीब जनरल कास्ट की है. अगर आप इन सबको मिला दें तो 90% से ज्यादा आबादी इन लोगों की बनती है. मगर आप, अगर हिंदुस्तान की संस्थाओं को देखो, इंस्टीट्यूशन्स को देखो, बड़ी-बड़ी कंपनियों को देखो, तो इनमें से आपको कोई भी उन कंपनियों में, उन इंस्टीट्यूशन में, उन संस्थाओं में नहीं दिखाई देता.'

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राहुल ने आगे कहा था कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी 200 कंपनियों के मालिकों की लिस्ट निकालिए. उसमें आपको एक पिछड़े वर्ग का व्यक्ति नहीं मिलेगा, एक दलित नहीं मिलेगा, एक गरीब जनरल कास्ट का नहीं मिलेगा, एक माइनॉरिटी नहीं मिलेगा, एक आदिवासी नहीं मिलेगा.

उन्होंने कहा था कि इसलिए हमने वादा किया है कि जैसे ही हमारी सरकार आएगी, जाति जनगणना को हम पूरे देश में इम्प्लिमेंट कर देंगे. देश का एक्सरे कर देंगे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. पिछड़े वर्ग को, दलितों को, आदिवासियों को, गरीब जनरल कास्ट के लोगों को, माइनॉरिटी को पता जाएगा कि इस देश में उनकी भागीदारी कितनी है. इसके बाद हम फाइनेंशियल और इंस्टीट्यूशनल सर्वे करेंगे. ये पता लगाएंगे कि हिंदुस्तान का धन किसके हाथों में है. कौन से वर्ग के हाथ में है और इस ऐतिहासिक कदम के बाद हम क्रांतिकारी काम शुरू करेंगे. जो आपका हक बनता है, वो हम आपके लिए आपको देने का काम करेंगे. चाहे वो मीडिया हो, ब्यूरोक्रेसी हो, हिंदुस्तान की सब संस्थाएं हो, वहां हम आपकी जगह बनाकर आपको हिस्सेदारी देंगे.'

प्रधानमंत्री ने किया था जोरदार हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर संपत्ति बांटने को लेकर जोरदार हमला किया था. 21 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार आई तो वो लोगों की संपत्तियां लेकर ज्यादा बच्चों वालों और घुसपैठियों को बांट देगी.

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मोदी ने कहा था कि पहले जब इनकी सरकार थी तब उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है. इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठा करते किसको बांटेंगे? जिनके ज्यादा बच्चे हैं, उनको बांटेंगे. घुसपैठियों को बांटेंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? आपको मंजूर है ये?

उन्होंने कहा था कि ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के गोल्ड का हिसाब करेंगे. उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे. और उनको बांटेंगे जिनको मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. भाइयो-बहनो ये अर्बन नक्सल की सोच, मेरी मां-बहनों, ये आपका मंगलसूत्र भी नहीं बचने देंगे. ये यहां तक जाएंगे.

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