बिहार: भागलपुर में कांग्रेस और बीजेपी में होता रहा है मुकाबला, इस बार कौन मारेगा बाजी?

भागलपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही टक्कर होती आई है. 2015 के चुनाव में भागलपुर से कांग्रेस के अजीत शर्मा ने बाजी मारी थी. उन्होंने बीजेपी के अर्जित चौबे को शिकस्त दी थी.

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बीजेपी और कांग्रेस में एक बार फिर हो सकती है टक्कर (फाइल फोटो) बीजेपी और कांग्रेस में एक बार फिर हो सकती है टक्कर (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST
  • भागलपुर राज्य की अहम विधानसभा सीटों में से एक
  • बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला होता आया
  • कांग्रेस के अजीत शर्मा हैं यहां के विधायक

बिहार की भागलपुर विधानसभा सीट राज्य की अहम सीटों में से एक है. यहां पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही टक्कर होती आई है. 2015 के चुनाव में भागलपुर से कांग्रेस के अजीत शर्मा ने बाजी मारी थी. उन्होंने बीजेपी के अर्जित चौबे को शिकस्त दी थी. इस सीट पर एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुकाबला देखने को मिल सकता है. ऐसे में अब ये देखना होगा कि क्या बीजेपी 2015 की हार का बदला ले पाएगी.  

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सामाजिक ताना-बाना

भागलपुर गंगा के तट पर बसा एक अत्यंत प्राचीन शहर है. भागलपुर सिल्क के व्यापार के लिए विश्वविख्यात है. तसर सिल्क का उत्पादन अभी भी यहां के कई परिवारों के रोजी रोटी का श्रोत है. प्राचीन काल के तीन प्रमुख विश्‍वविद्यालयों यथा तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला में से एक विश्‍वविद्यालय भागलपुर में ही था, जिसे विक्रमशिला के नाम से जानते हैं. भागलपुर विधानसभा सीट भागलपुर जिले के अंतर्गत आती है. 2011 की जनगणना के अनुसार, भागलपुर की जनसंख्या 4,00,146 है. यहां की 8.17 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जाति और 0.27 फीसदी अनुसूचित जनजाति की है. 2019 की वोटर लिस्ट के मुताबिक, भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,29,360 मतदाता हैं. बीजेपी, कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू यहां की मुख्य पार्टियां हैं. कांग्रेस के अजीत शर्मा यहां के विधायक हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

भागलपुर विधानसभा सीट साल 1957 में अस्तित्व में आई. यहां पर हुए अब तक के 16 चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 6-6 बार जीत मिली है. वहीं, तीन चुनावों में भारतीय जनसंघ जीतने में कामयाब रही है. मतलब साफ हैं यहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होती आई है, लेकिन हाल के चुनाव के देखें तो कांग्रेस बीजेपी पर हावी रही है. पिछले दो बार से उसे ही यहां पर जीत मिली है. भागलपुर विधानसभा सीट पर दो नेताओं का दबदबा रहा है. ये दो नेता हैं बिजॉय कुमार मित्रा और अश्विनी चौबे. बीजेपी इन्हीं दो नेताओं के दम पर चुनाव जीत चुकी है. लेकिन पिछले दो चुनावों से कांग्रेस के अजीत शर्मा का जादू यहां पर चला है.

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2015 का जनादेश

2015 के विधानसभा चुनाव में भागलपुर विधानसभा सीट पर 3,16,636 मतदाता थे. इसमें से 53.7 फीसदी पुरुष और 46.29 फीसदी महिला वोटर्स थीं. 1,52,513 लोगों ने वोट डाला था. यानी यहां पर 48 फीसदी मतदान हुआ था. कांग्रेस के अजीत शर्मा ने यहां पर जीत हासिल की थी. उन्होंने बीजेपी के अर्जित चौबे को मात दी थी. अजीत शर्मा को 70 हजार 514 वोट मिले थे तो अर्जित चौबे को 59 हजार 856 वोट हासिल हुए थे. अजीत शर्मा ने 10 हजार से ज्यादा वोटों से इस सीट पर जीत हासिल की थी. अजीत शर्मा के खाते में 46.24 फीसदी वोट पड़े थे तो अर्जित चौबे को 39.25 फीसदी वोट मिले थे.

ये प्रत्याशी हैं मैदान में

भागलपुर विधानसभा सीट पर 23 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां से कांग्रेस के वर्तमान विधायक अजीत शर्मा और बीजेपी के रोहित पांडेय प्रत्याशी हैं. इसके अलावा लोकजनशक्ति पार्टी के राजेश वर्मा भी मैदान में हैं. पिछले कुछ चुनावों की तरह इस बार भी यहां पर मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. नजर कांग्रेस के अजीत शर्मा पर होगी. देखना होगा कि क्या वो अपनी सीट बचाने में कामयाब रहते हैं. 

कितनी हुई वोटिंग

भागलपुर में दूसरे चरण के तहत मतदान हुआ. यहां पर 3 नवंबर को वोटिंग हुई. भागलपुर में 48.25 फीसदी मतदान हुआ. मतगणना 10 नवंबर को की जाएगी.

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अजीत शर्मा के बारे में

2 फरवरी 1954 को जन्मे अजीत शर्मा भागलपुर से दो बार चुनाव जीत चुके हैं. उनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है. अजीत शर्मा ने साल 1995 में राजनीति में एंट्री की थी. वह बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष हैं.

 

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