उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फॉर्म-7 के जरिए जमा किए जाने वाले आवेदनों पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत मतदाता सूची तैयार करने, उसमें सुधार करने या किसी का नाम जोड़ने या हटाने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी देना अपराध है. ऐसा करने पर दोषी व्यक्ति को एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
उन्होंने बताया कि फार्म-7 में भी आवेदक से इस संबंध में निर्धारित घोषणा प्राप्त की जाती है. अगर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जांच में फॉर्म-7 के जरिए की गई आपत्ति गलत पाई जाती है, तो संबंधित आवेदक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के 9 अक्टूबर 2026 के निर्देशों के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को फॉर्म-7 के जरिए मिली आपत्तियों की जांच और निस्तारण (Disposal) नियमानुसार करने को कहा गया है. अगर कोई आपत्ति गलत या मनगढ़ंत पाई जाती है, तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन नियमों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार किया जाए. इसका मकसद लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे फॉर्म-7 भरते समय सही जानकारी दें और गलत घोषणा करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जान सकें.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में छूटे हुए नागरिकों और पहली बार बनने वाले युवाओं के नाम जोड़ने के लिए शनिवार को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान आयोजित किया गया. इस अभियान के अंतर्गत पात्र नागरिकों विशेषकर महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए फॉर्म-6 भरवाए गए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे 24 अक्टूबर को होने वाले विशेष अभियान के दौरान अपना और परिवार के सदस्यों का नाम अपने संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अवश्य जांचें. अगर किसी का नाम सूची में नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर अपने बीएलओ को जमा करें. इसके अलावा, voters.eci.gov.in पोर्टल या ECINET मोबाइल ऐप के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है.
समर्थ श्रीवास्तव