असम विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार यहां एनडीए की सरकार बनने जा रही है. वहीं, हिमंता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऊपरी असम के चाय बागान वाली सीटों पर सीधा जुड़ाव बीजेपी के लिए यहां बड़ी राजनीतिक ताकत साबित हुआ है.
इस बार के चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले इलाके अब बीजेपी के अभेद्य किले में तब्दील हो चुके हैं. डिब्रूगढ़ की चाय पट्टी में पीएम मोदी के किए गए विशेष जनसंपर्क और योजनाओं का असर अब नतीजों में दिखा. यहां की सभी 6 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों ने भारी अंतर से जीत दर्ज की है.
जिन सीटों पर बीजेपी ने अपना दबदबा बनाया है, उनमें डिब्रूगढ़, चाबुआ-लाहोवाल, दुलियाजान, टिंगखोंग, नाहरकटिया और खोवांग शामिल हैं. जहां डिब्रूगढ़ से 10 लाख 6 हजार 803 वोटों के साथ प्रशांत फुकन ने जीत का परचम लहराया, तो वहीं नाहरकटिया सीट पर तरंग गोगोई ने 8 लाख 7 हजार 768 वोट बटोरे.
पीएम मोदी का 'डायरेक्ट कनेक्शन' और बदलती राजनीति
चाय बागान समुदाय दशकों से असम की राजनीति में एक बड़ा वोट बैंक रहा है. पहले इन इलाकों में कांग्रेस का वर्चस्व हुआ करता था. लेकिन पीएम मोदी ने पिछले कुछ सालों में इस समुदाय से सीधा बातचीत करके समीकरण बदल दिए हैं. उन्होंने चाय बागान के मजदूरों के लिए बेहतर मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवास जैसी योजनाओं पर खास ध्यान दिया.
यह भी पढ़ें: असम चुनाव परिणाम 2026: किस सीट पर कौन आगे, कौन पीछे? यहां देखें सभी सीटों का अपडेट
क्या हैं इस बढ़त के मायने?
डिब्रूगढ़ और उसके आसपास की इन 6 सीटों पर बीजेपी का प्रदर्शन ये साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मतदाताओं तक पहुंचा है. चाय बागान के मतदाताओं ने विकास और भरोसे के नाम पर बीजेपी को जमकर वोट दिया है.
हिमांशु मिश्रा