बिहार में स्कूलों की इमारतें बनाने में देरी और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सरकार ने सख्ती दिखाई है. बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) ने पांच ठेकेदारों पर कुल 73.33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा कई ठेकेदारों को काम से बाहर करने, नोटिस देने और अधूरे प्रोजेक्ट के समझौते रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है.
यह कार्रवाई उन स्कूलों और छात्रावासों के निर्माण से जुड़ी है, जिनका काम तय समय पर पूरा नहीं हुआ. विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी इमारतें बनाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब जिन ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ा है या तय समय में पूरा नहीं किया, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.
पांच ठेकेदारों पर कितना जुर्माना लगा
स्कूल भवनों के निर्माण में देरी के मामले में पांच ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया है. इनमें हरिओम कंस्ट्रक्शन पर सबसे ज्यादा 28.42 लाख रुपये का जुर्माना लगा है. इसके बाद अध्याय इंजीकॉन पर 16.30 लाख रुपये और अक्षित इंजीनियरिंग पर 15.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वहीं, एम.के. गुप्ता पर 11.36 लाख रुपये और अजय कुमार पर 1.45 लाख रुपये का जुर्माना लगा है. इन सभी पर कुल 73.33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
कई जिलों में अधूरे पड़े हैं निर्माण कार्य
नवादा, नालंदा, किशनगंज, मधेपुरा और गया में स्कूलों और छात्रावासों के निर्माण में देरी के मामलों पर कार्रवाई की गई है. कुछ ठेकेदारों को डिबार किया गया है, यानी उन्हें आगे सरकारी काम मिलने पर रोक लगाई गई है. वहीं, कुछ को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है. इसके अलावा अररिया, शेखपुरा, लखीसराय, कटिहार, शिवहर और किशनगंज में लंबे समय से अधूरे पड़े निर्माण कार्यों के समझौते रद्द करने की प्रक्रिया तेज की गई है. इन प्रोजेक्ट में काम पूरा नहीं होने के कारण विभाग अब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.
शिवांगी कंस्ट्रक्शन का ठेका रद्द
गंभीर अनियमितता के मामले में शिवांगी कंस्ट्रक्शन का काम करने का आदेश रद्द कर दिया गया है. कंपनी की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है. कुछ दूसरे मामलों में ठेकेदारों की जमानत राशि और ईएमडी यानी टेंडर के समय जमा की जाने वाली रकम जब्त करने की कार्रवाई की गई है.
आगे भी होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि स्कूल भवन बनाने में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. जिन लोगों ने तय समय पर काम पूरा नहीं किया है, उनके खिलाफ जुर्माना लगाने, ठेके रद्द करने या दूसरे कदम उठाए जा सकते हैं.
सरकार का मकसद स्कूलों और छात्रावासों के निर्माण कार्य को समय पर पूरा कराना है, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं मिल सकें.
रोहित कुमार सिंह