क्या अब भारत की है बारी? Oracle ने 6 बजे से शुरू कर दी छंटनी, चिंता में कर्मचारी           

जैसे-जैसे ओरेकल AI और क्लाउड के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, अमेरिका में हाल ही में हुई छंटनी ने भारत में भी ओरेकल की ओर से की जा रही छंटनी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. वैश्विक स्तर पर पहले ही हजारों नौकरियां खत्म हो चुकी हैं और आगे भी पुनर्गठन जारी है, ऐसे में कर्मचारी कंपनी के भारत स्थित परिचालन में नई छंटनी के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. 

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Oracle ने फिर से शुरू की छंटनी. Oracle ने फिर से शुरू की छंटनी.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:57 AM IST

ओरेकल के कर्मचारियों के लिए ये साल कई परेशानियों के साथ आया है. छंटनी के मेल से पहले ही उन्हें संकेत मिलने लगते हैं. इन संकेतों में अचानक VPN का एक्सेस बंद हो जाना, Slack अकाउंट का डिस्कनेक्ट होना और सुबह करीब 6 बजे तक कंपनी के नेतृत्व की ओर से ईमेल आ जाना. बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में इन संकेतों का जिक्र किया गया है. अब ओरेकल ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी शुरू की है. ऐसे में भारत में काम करने वाले कर्मचारी भी इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या कंपनी का यह पुनर्गठन भारत तक भी पहुंच सकता है. कर्मचारियों के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ गई है. 

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3000 नौकरियां हो सकती हैं प्रभावित 

इस महीने की शुरुआत में ही रिपोर्ट में माना गया था कि भारत में लगभग 3,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि ओरेकल अपने कर्मचारियों का पुनर्गठन कर रहा है और नए स्किल और टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा रहा है. हालांकि, ओरेकल ने इस आंकड़े की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है. ओरेकल ने अब अमेरिका में छंटनी की एक नई लहर शुरू कर दी है क्योंकि यह प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर अरबों डॉलर का निवेश कर रही है. 

कई हजार पदों की बनी लिस्ट 

हालांकि, कंपनी ने सार्वजनिक रूप से यह खुलासा नहीं किया है कि कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं लेकिन कर्मचारियों की रिपोर्ट और ऑनलाइन प्रसारित अनुमानों से पता चलता है कि कई हजार पद खत्म किए जा सकते हैं. भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता आगे क्या होगा? 14 सितंबर को अमेरिका में हुई छंटनी के बाद  कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत में ओरेकल के भारत विकास केंद्र (आईडीसी) में एक और दौर की छंटनी की संभावना जताई गई है.

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भारत पर भी दिखेगा असर 

दरअसल, ये चिंता अचानक से पैदा नहीं हुई है बल्कि इससे पहले रिपोर्ट में कहा गया था कि ओरेकल के भारत में काम करने वाले कर्मचारियों पर कंपनी के एक और वैश्विक पुनर्गठन का असर पड़ सकता है. इतना ही नहीं इस दौरान अनुमान भी लगाया गया था कि दुनियाभर में करीब 7,000 से 10,000 पदों पर असर पड़ सकता है. हालांकि, ओरेकल ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी. अमेरिका में हाल ही में हुई छंटनी के बाद भारत में भी कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है. उन्हें डर है कि कंपनी छंटनी का अगला दौर भारत में भी शुरू कर सकती है. 

भारत में पहले हो चुकी है कटौती 

भारत में ओरेकल के पुनर्गठन के कुछ महीनों बाद अब कर्मचारियों के बीच एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ गई है. मार्च-अप्रैल में हुई छंटनी को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट में भारत में इसके प्रभाव को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत में 12,000 तक नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी.

वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या इससे काफी कम बताई गई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, पिछली छंटनी का असर ओरेकल के भारत स्थित डेवलपमेंट सेंटरों पर भी पड़ा था. Oracle Fusion Cloud Applications और Oracle Cloud Infrastructure (OCI) से जुड़े कई पद प्रभावित होने की बात सामने आई थी. इसके साथ ही इंजीनियरिंग, डेटा सेंटर ऑपरेशंस, AI/ML और कस्टमर सपोर्ट जैसे अलग-अलग विभागों में भी कर्मचारियों की छंटनी की खबरें सामने आई थी. 

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क्या अब एक बार भारत को झेलनी पड़ेगी छंटनी? 

फिलहाल, इसका जवाब नहीं मिला है. अमेरिका में 14 सितंबर को हुई छंटनी से पता चलता है कि ओरेकल का पुनर्गठन जारी है लेकिन अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि भारत भी इस नवीनतम चरण में शामिल होगा और न ही कंपनी ने यह खुलासा किया है कि कितने भारतीय कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं. 

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