मध्य प्रदेश के हजारों नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों की सालों से अटकी परीक्षाओं और रुके हुए रिजल्ट की पीड़ा को 'आजतक' पर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रदेश सरकार तुरंत हरकत में आ गई है. आजतक के फ्लैगशिप शो 'खबरदार' में खबर प्रसारित होने के बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए.
मंत्री के कड़े निर्देश के बाद मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. उनकी जगह डॉ. उपेंद्र धोते को काउंसिल के नए रजिस्ट्रार का प्रभार सौंपा गया है.
क्यों हुई यह कार्रवाई?
मध्य प्रदेश में पिछले कई सालों से नर्सिंग और पैरामेडिकल की परीक्षाएं और उनके परिणाम बुरी तरह प्रभावित चल रहे हैं. परीक्षाएं न होने और रिजल्ट घोषित न होने की वजह से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. आजतक ने गुरुवार को इस प्रशासनिक लापरवाही और छात्रों के दर्द को प्रमुखता से देश के सामने रखा था, जिसके ठीक बाद प्रशासन को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा.
5 दिनों से दफ्तर के बाहर डटे हैं छात्र, NSO का अनिश्चितकालीन धरना
भले ही रजिस्ट्रार पर गाज गिरी हो, लेकिन भोपाल स्थित नर्सिंग काउंसिल के दफ्तर के बाहर छात्रों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है. नर्सिंग स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NSO) के बैनर तले छात्र पिछले 5 दिनों से (8 अगस्त से) अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं.
छात्रों का साफ कहना है कि केवल अधिकारियों को बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक कि उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं.
छात्रों की 6 प्रमुख मांगें:
जीएनएम (GNM) रिजल्ट: रोक कर रखे गए सभी जीएनएम स्टूडेंट्स के परिणाम तुरंत घोषित किए जाएं और आगामी परीक्षाओं की तिथियां तय हों.
B.Sc नर्सिंग परीक्षाएं: बीएससी नर्सिंग छात्रों के रुके हुए रिजल्ट जारी किए जाएं और समय पर परीक्षाएं कराई जाएं.
छात्रवृत्ति (Scholarship): SC, ST, OBC और पैरामेडिकल छात्रों को बकाया स्कॉलरशिप का भुगतान तुरंत किया जाए.
EWS व सामान्य वर्ग: EWS और सामान्य वर्ग के जरूरतमंद छात्रों के लिए भी छात्रवृत्ति की ठोस व्यवस्था हो.
मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्धता: राज्य के सभी नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ा जाए.
फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम: धांधली रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए सख्त 'फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम' लागू किया जाए.
'हमारा भविष्य बर्बाद हो रहा है' -छात्रों का दर्द
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सत्र पिछड़ने, परीक्षाओं में गड़बड़ी और रिजल्ट में देरी के कारण उनका साल दर साल बर्बाद हो रहा है. कई छात्र ओवरएज हो रहे हैं और सरकारी नौकरियों के अवसरों से वंचित हो रहे हैं. छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित में ठोस रोडमैप और समयसीमा तय नहीं की जाती, उनका यह आंदोलन काउंसिल दफ्तर के बाहर जारी रहेगा.
रवीश पाल सिंह