किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. धरने पर बैठे छात्रों के अभिभावकों को विश्वविद्यालय की ओर से पत्र भेजा गया है. इसमें अभिभावकों से अपने बच्चों को प्रदर्शन से दूर रखने और नियमित रूप से शिक्षण एवं प्रशिक्षण में शामिल होने की अपील की गई है. KGMU प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर छात्र शिक्षण-प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहते हैं या प्रदर्शन में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से यह भी कहा गया है कि इसका असर छात्रों की अटेंडेंस के साथ-साथ आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा से जुड़े मामलों पर भी पड़ सकता है.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई की चेतावनी
विश्वविद्यालय की ओर से अभिभावकों को भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि छात्रों का शिक्षण और प्रशिक्षण से लगातार अनुपस्थित रहना विश्वविद्यालय के अनुशासन के अनुरूप नहीं है. प्रशासन ने इस मामले में हस्तक्षेप करने और छात्रों को प्रदर्शन से दूर रहने के लिए समझाने की अपील की है. साथ ही कहा है कि नियमों का पालन न करने वाले छात्रों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है. ऐसे में प्रदर्शन में शामिल छात्रों की पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है.
अटेंडेंस से लेकर परीक्षा तक पड़ सकता है असर
प्रशासन की चेतावनी सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं है. क्लास और ट्रेनिंग में हिस्सा न लेने वाले छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति यानी 75 प्रतिशत अटेंडेंस पर भी इसका असर पड़ सकता है. इसके अलावा आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा से जुड़े नियमों में भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर ध्यान देने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार गतिविधियों में शामिल होने को कहा है.
आखिर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं नर्सिंग छात्र?
KGMU के नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन इससे पहले भी अपनी मांगों को लेकर चर्चा में रहा था. छात्रों की ओर से उठाई जा रही मांगों और प्रदर्शन की पृष्ठभूमि को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ उनका विवाद सामने आया है. इसी बीच छात्रों के धरने को देखते हुए अब KGMU प्रशासन ने अभिभावकों को पत्र भेजकर उन्हें प्रदर्शन से दूर रखने की अपील की है.
समर्थ श्रीवास्तव