DU से LLM, फिर बने PCS टॉपर... जानें कितना पढ़े-ल‍िखे हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व CEO?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्व भूषण मिश्रा जिन्हें ट्रांसफर के बाद  से UPSSSC का उपसचिव की जिम्मेदारी मिली है. LLB और LLM के पढ़ाई के बाद दोस्त की चुनौती से प्रशासनिक फॉर्म भरा. अब उन्हें नई जिम्मेदारी, जिसके बाद से लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं. 

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कौन हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO, मिली नई जिम्मेदारी. (Image: PTI) कौन हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO, मिली नई जिम्मेदारी. (Image: PTI)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्व भूषण मिश्रा जिन्हें ट्रांसफर के बाद  से UPSSSC का उपसचिव बनाया गया है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से LLM की पढ़ाई की लेकिन दोस्त की चुनौती ने उन्हें प्रशासनिक फील्ड में आने पर मजबूर कर दिया है. अयोध्या के एक गांव से निकलकर पढ़ाई की लेकिन पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया. उनके पिता सरकारी स्कूल में मैथ पढ़ाते थे. तो चलिए जान लेते हैं कौन हैं UPSSSC के उपसचिव. 

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कैसा है एजुकेशन का सफर? 

विश्‍व भूषण मिश्रा का बचपन अयोध्या में बीता. पांचवी तक की पढ़ाई उन्होंने प्राइमरी पाठशाला से की. इसके बाद डाभा सेमन के जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाई की और 12वीं तक की शिक्षा वहीं पूरी की. उनके पिता जगदीश प्रसाद मिश्रा विधामंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज में मैथ पढ़ते थे. 

बता दें कि विश्वभूषण मिश्रा ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से LLB की पढ़ाई की है. लेकिन उनका प्रशासनिक सेवा में आने का कोई प्लान नहीं था लेकिन दोस्त की चुनौती ने उन्हें फॉर्म भरने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर पीसीएस अधिकारी बन गए. उनकी पहली ट्रेनिंग डिप्टी कलेक्टर के तौर पर 2012 में गाजीपुर से शुरू हुई. इसके बाद वह फिर वो मथुरा के डिप्टी कलेक्टर बनाए गए. 

नहीं थी कोई प्लानिंग 

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विश्वभूषण मिश्रा की कहानी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब एक दोस्त की चुनौती से फॉर्म भरा. पहली कोशिश में प्रीलिम्स तो पास कर लिया. एलएलएम के दौरान नौकरी मिली. कुल्लू में लीगल ऑफिसर के तौर पर काम किया. छुट्टियों में परीक्षा दी.दिल्ली में पार्लियामेंट्री ऑफिसर बने और इसी बीच यूपीपीएससी पीसीएस का परिणाम आया तो पूरे प्रदेश में तीसरी रैंक के साथ डिप्टी कलेक्टर बन गए.

पहली पोस्टिंग     

एसडीएम बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग गाजीपुर में हुई. लेकिन विश्वभूषण मिश्रा ने प्रशासन के अलग-अलग विभागों में कई पदों की जिम्मेदारी संभाली है. गाजीपुर से लेकर मथुरा, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी तक उन्‍होंने काम किया. लखनऊ में कोविड के दौरान कंट्रोल कमांड सेंटर की जिम्मेदारी भी उनके प्रशासनिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा रही. साल 2019 में समय कुंभ में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई. 

काशी विश्वनाथ की जिम्मेदारी 

2022 में उन्हें वाराणसी में एडिशनल कमिशनर का काम सौंपा गया था. इसके बाद जनवरी 2024 में विश्वभूषण मिश्रा ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली. यह वह समय है जब बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी. भीड़ को संभालना मुश्किल होता जा रहा था. उनके कार्यकाल में दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित करने, भीड़ प्रबंधन की प्लानिंग करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए गए.

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अब UPSSSC की जिम्मेदारी 

UPSSSC का मतलब होता है उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग है. आयोग का काम होता है ग्रुप C और ग्रुप D के अलग-अलग पदों के लिए नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन करना. 

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