'जामिया को जेल बना दिया...' संस्थापकों के परिवार ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कुलपति-प्रशासन पर दागे तीखे सवाल

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव और भूख हड़ताल को लेकर चल रहा विवाद अब प्रेस कॉन्फ्रेंस तक पहुंच गया है. विश्वविद्यालय के संस्थापकों के परिवारों, पूर्व छात्रों और SFI-NSUI जैसे छात्र संगठनों ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कैंपस में बिजली-पानी बंद करने, पुलिस की घर-घर तक पहुंच और तानाशाही रवैये को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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जामिया बवाल पर संस्थापक परिवार आए सामने, VC और प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा (Photo- ITGD) जामिया बवाल पर संस्थापक परिवार आए सामने, VC और प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा (Photo- ITGD)

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली ,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग, भूख हड़ताल और पुलिसिया कार्रवाई के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है. अब इस लड़ाई में जामिया के संस्थापक परिवारों, पूर्व छात्रों और प्रमुख छात्र संगठनों (SFI, NSUI) की भी एंट्री हो गई है. दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) में संस्थापकों के परिजनों और छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए और कैंपस की स्थिति को 'जेल जैसा' करार दिया.

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डॉ. जाकिर हुसैन के ख्वाब को सींच रहे हैं छात्र- संस्थापक परिवार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद जामिया के संस्थापकों के परिवारों ने छात्रों के आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया. जामिया फॉउंडेर फैमिली मेंबर सईदा हमीद ने कहा कि डॉक्टर अंसारी ने सपना देखा था कि जामिया अलीगढ़ जैसी महान यूनिवर्सिटी बने. हमारे वालिद ने जामिया का पूरा कांसेप्ट बनाया था. आज डॉक्टर जाकिर हुसैन, डॉक्टर अंसारी और डॉक्टर शफीउर रहमान किदवई ऊपर से हमें देख रहे होंगे. छात्र और युवा जाकिर हुसैन के ख्वाब को सींचने में खड़े हैं और छात्रसंघ की मांग कर रहे हैं.

दूसरे मेंबर सिद्दीकुर रहमान किदवई ने कहा कि देश में अगर कोई बड़ा स्टूडेंट मूवमेंट हुआ है, तो वह जामिया और अलीगढ़ के छात्रों ने ही किया है. जब सुना कि यूनियन की मांग करने पर छात्रों को निकाला जा रहा है, तो दुख हुआ. आजाद हिंदुस्तान में हर हाल में स्टूडेंट यूनियन होनी ही चाहिए. पूर्व छात्रा समीना मिश्रा ने कहा कि मैं खुद यहां की छात्रा रही हूं. आज डायलॉग (बातचीत) की सबसे ज्यादा जरूरत है. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम छात्रों की बात सुनने के लिए जगह बनाएं. जिस तरह से चीजें दबाई जा रही हैं, वह सरासर गलत है.

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बिजली-पानी बंद, दीवारों की वेल्डिंग... जामिया को बना दिया जेल

छात्र संगठन SFI की प्रतिनिधि सनम ने कैंपस के भीतर के भयावह हालात बयां करते हुए प्रशासन पर सीधे आरोप लगाए. सनम ने कहा, 'हम जामिया में लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं. प्रशासन ने जामिया को जेल बना दिया है, अंदर बिजली और पानी तक बंद कर दिया गया है. जब एडमिनिस्ट्रेशन हमसे बात करने आया, तो बातचीत के बीच में ही हमारा टेंट हटा दिया गया. क्या बात करने का यह तरीका होता है?' 

इजरायली बर्ताव का आरोप

सनम ने आरोप लगाते हुए कहा कि कैंपस के भीतर दीवारों को चुना जा रहा है और गेटों की वेल्डिंग की जा रही है. क्या जामिया दिल्ली में नहीं है? छात्रों के साथ यह 'इजरायली बर्ताव' क्यों किया जा रहा है? हमें अपनी बात रखने के लिए नेगोशिएशन की स्पेस चाहिए, इसलिए स्टूडेंट यूनियन जरूरी है.  छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि जामिया एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस मिलकर प्रदर्शनकारी छात्रों के फोन नंबर और घर के पते शेयर कर रहे हैं, जिससे पुलिस सीधे छात्रों के घरों तक पहुंच रही है और परिजनों को डरा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि बीते दिन ऐसे डॉक्यूमेंट्स पर साइन करवाने का दबाव बनाया गया, जिससे कोई भी छात्र सहमत नहीं था.

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इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में SFI की सनम के अलावा NSUI के जीशान और आमिर हैदर भी मौजूद रहे. संस्थापकों के परिवारों और पूर्व छात्रों के इस खुले समर्थन के बाद जामिया प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है.

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