कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट क्लास से पास एक छात्र ने 500 से ज्यादा नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली. आज के दौर में नए ग्रेजुएट्स के सामने आने वाली नौकरी की चुनौतियों को फिर से चर्चा में ला दिया है. उनके लिए जॉब खोजना दिन पर दिन चुनौती बनता जा रहा है. एक पोस्ट के वायरल होने के बाद ये फिर से सुर्खियों में है. इसमें बताया गया कि वह महीनों तक नौकरी की तलाश करता रहा और अब रैपिडो राइडर के रूप में काम कर रहा है.
पोस्ट में यह भी कहा गया कि उसके माता-पिता को अभी भी लगता है कि वह घर पर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है.
सोशल मीडिया पर बताया
यह घटना तब सामने आई जब एक्स यूजर नीरज ने अपनी एक यात्रा के दौरान रैपिडो राइडर से हुई बातचीत को शेयर किया. बातचीत की शुरुआत राइडर के हेलमेट पर लगे कॉलेज स्टिकर को देखकर हुई. इससे पता चला कि नए ग्रेजुएट्स को नौकरी पाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. नीरज के मुताबिक, राइडर ने इस साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट क्लास से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
अब तक वह 500 से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन कर चुका है. लेकिन उसे अभी तक कोई नौकरी नहीं मिली है. अपनी सारी बचत को खत्म करने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश जारी रखते हुए हर दिन सुबह 6 बजे से रैपिडो राइडर के रूप में काम करना शुरू कर दिया.
माता-पिता को अभी भी लगता है मैं इंटरव्यू की तैयारी कर रहा...
नीरज के मुताबिक, उस राइडर ने उसे बताया कि उसके माता-पिता अब भी मानते हैं कि वह घर पर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है. उसने कभी उन्हें इस बारे में नहीं बताया क्योंकि उसे अपनी स्थिति को बिना बढ़ा-चढ़ाकर बताए समझाने का तरीका नहीं सूझता था. नीरज ने बताया कि सबसे खास बात यह थी कि राइडर ने अपनी स्थिति को शांत होकर स्वीकार कर लिया था. उसने किसी तरह की शिकायत नहीं की, बल्कि बस इतना कहा कि अभी नौकरी का बाजार ऐसा ही है और फिर अपने काम में लग गया.
लोग पोस्ट को कर रहे पसंद
अपना सुझाव शेयर करते हुए नीरज ने कहा कि यह घटना आज के कई नए नौकरी तलाश करने वालों की वास्तविक स्थिति को दिखाती है. उन्होंने लिखा कि यह समस्या उम्मीद से ज्यादा लोगों के साथ हो रही है और अभी नौकरी का बाजार नए लोगों के लिए मुश्किल है. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कई लोगों ने भी अपने अनुभव शेयर किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि सैकड़ों नौकरियों के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें बहुत कम इंटरव्यू कॉल मिले और अच्छी पढ़ाई होने के बाद भी पहली नौकरी पाना आसान नहीं है.
आजतक एजुकेशन डेस्क